विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PNB की करेंसी चेस्ट में 7 नहीं, 17 करोड़ रुपये के मिले नकली नोट; तीन मैनेजरों और गड्डियां लगाने वाले पर एक्शन

By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 01 Sep 2026 12:37 PM (IST)

PNB Saharanpur currency chest fraud: सहारनपुर में पीएनबी की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के नकली ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो और सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट स्थित शाखा।

प्रतीकात्मक फोटो और सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट स्थित शाखा।

HighLights

  1. तीन बैंक अधिकारी निलंबित, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

  2. पार्ट-टाइम हाउसकीपर पर नोट चोरी का आरोप, मामले की जांच जारी।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक की सोफिया मार्केट स्थित शाखा के करेंसी चेस्ट में आडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिलने के बाद हड़कंप मचा है। जांच में तीन अधिकारियों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। शुरुआती जांच में सात करोड़ के नकली नोट मिलने की बात सामने आई थी। 

निलंबित किए तीनों अधिकारियों के खिलाफ नकली करेंसी मिलने के मामले में पीएनबी के मुख्य प्रबंधक व जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही कम नकदी मिलने के मामले में पार्ट टाइम हाउस कीपर के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

बैंक अधिकारियों की जांच के साथ ही पुलिस भी अपनी जांच में जुटी है। कुछ दिनों पहले पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में नोटों की गड्डियां लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इनमें गले, कटे व अन्य नोट थे। यहां से साढ़े 11 करोड़ रुपये के नोटों को पांच अगस्त को आरबीआइ जयपुर भेजा गया। वहां गिनती होने के बाद इनमें चार लाख 30 हजार 900 रुपये कम मिले।

यह भी पढ़ें- CBI के रडार पर आ सकता है PNB करेंसी चेस्ट में नकली नोटों का मामला, सहारनपुर में मौके पर पहुंचे DIG, DM व SSP

इसके बाद इसकी जानकारी पीएनबी मेरठ जोनल हेड अजय कुमार टिबरेवाल को दी गई। मेरठ से मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार चौबे को मामले की जांच के लिए सहारनपुर भेजा गया। जांच की तो पता चला कि विशाल कुमार ने गड्डियों से नोट निकाले हैं। वह नोट निकालता हुआ सीसीटीवी में दिख रहा है। नौ अगस्त से गड़बड़ी को लेकर आडिट शुरू किया गया और जांच की तो पता चला कि साढ़े 11 करोड़ रुपये की नकली करेंसी बैंक में रखी हुई है।

इसके बाद जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने वरिष्ठ मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार व हरियाणा के यमुनानगर जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार से बातचीत की। अमित सहारनपुर चेस्ट से स्थानांतरित होकर हरियाणा गए थे। तीनों ही अधिकारी इस मामले में सहीं उत्तर नहीं दे पाए। इस पर अरुण कुमार चौबे ने बैंक के उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। 29 अगस्त की शाम को ही उन्होंने तीनों प्रबंधकों के खिलाफ थाना सदर बाजार में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।

दिल्ली रोड पर स्थित पीएनबी के मंडल कार्यालय में तैनात वरिष्ठ मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद तीनों प्रबंधकों को निलंबित कर दिया गया है। जांच अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल कुमार के खिलाफ भी नोट चोरी करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराकर उसे काम से हटा दिया है।

यह भी पढ़ें- बैंक की 'तिजोरी' में कैसे लगा करोड़ों के नकली नोटों का अंबार, सिस्टम पर बड़ा सवाल?

आडिट के दौरान जांच टीम ने जब नोटों की गड्डियों की जांच की तो सामने आया कि उसमें एक असली नोट ऊपर तो एक नोट नीचे लगाया गया था। शुरुआती जांच में साढ़े 11 करोड़ के जाली नोट ही पकड़े गए थे। आडिट टीम के अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने सोमवार रात नौ बजे थाने में शिकायत देकर बताया कि जांच में 17 करोड़ रुपये के नकली नोट मिले हैं।

थाना प्रभारी सदर बाजार नेमचंद ने बताया कि पहले से दर्ज मुकदमे में अब नकली नोटों की कीमत को बढ़ाया जा रहा है।

आडिट पूरा होने तक और बढ़ सकती है रकम

करेंसी चेस्ट में पीएनबी की अलग-अलग शाखाओं से नकदी आती है। करेंसी चेस्ट का आडिट अभी चल रहा है। फिलहाल बैंक स्तर पर संदिग्ध लेनदेन और संबंधित रिकार्ड की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नकली नोटों की संख्या कितनी है और मामला किस स्तर तक फैला हुआ है। वरिष्ठ मैनेजर निशा सिंह ने बताया कि बैंक अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं। अभी और भी नकली नोट करेंसी चेस्ट में निकलकर सामने आ सकते हैं।

       इन्होंने कहा 

मामले में तीन प्रबंधकों और पार्ट टाइम हाउस कीपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। बैंक अपने स्तर से जांच कर रहा है। इसके लिए पुलिस जांच टीम का गठन किया जा रहा है।
-अभिनंदन, एसएसपी