CBI के रडार पर आ सकता है PNB करेंसी चेस्ट में 7.40 करोड़ के नकली नोटों का मामला, सहारनपुर में मौके पर पहुंचे DIG, DM व SSP
पुलिस ने सहारनपुर में पीएनबी करेंसी चेस्ट में मिले 7.40 करोड़ के नकली नोटों के मामले में जांच तेज कर ...और पढ़ें

नोटों का प्रतीकात्मक फोटो, सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट की जांच को पहुंचे डीआइजी अभिषेक सिंह साथ में डीएम व एसएसपी।
HighLights
पीएनबी करेंसी चेस्ट पहुंचे डीआइजी, डीएम और एसएसपी
एसआइटी का गठन करने को के लिए अधिकारी कर रहे मंथन।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली नोट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले में आरोपितों तक पहुंचने और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच टीम गठित किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों के स्तर पर जांच का दायरा बढ़ाने और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर मंथन किया जा रहा है। इसी क्रम में डीआइजी, जिलाधिकारी और एसएसपी ने पीएनबी की करेंसी चेस्ट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था और नकदी से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। नकली नोटों के मामले में अब जांच एजेंसियों की नजर पूरे नेटवर्क पर है।
प्रकरण में आरोपितों तक पहुंचने और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआइटी के गठन पर भी अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है। वहीं, जांच का दायरा बढ़ने पर सीबीआइ की एंट्री की संभावना ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है।
इसी कड़ी में डीआइजी, जिलाधिकारी और एसएसपी ने पीएनबी की करेंसी चेस्ट का निरीक्षण किया। तीनों वरिष्ठ अधिकारियों के एक साथ करेंसी चेस्ट पहुंचने को नकली नोट प्रकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
अधिकारियों ने करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था, नकदी के रखरखाव और नोटों की जांच से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही मामले से जुड़े रिकार्ड और अन्य बिंदुओं पर भी जानकारी जुटाई गई।
घंटाघर के सोफिया मार्किट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में नकली नोटों के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद डीआइजी अभिषेक सिंह, डीएम अरविंद कुमार चौहान चेस्ट में पहुंचे। इस दौरान तीनों अधिकारियों ने बैंक के जांच अधिकारियों से बातचीत की। वहीं अब इस प्रकरण में आरोपितों तक पहुंचने और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच टीम गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआइटी के गठन पर भी अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है। वहीं, जांच का दायरा बढ़ने पर सीबीआइ की एंट्री की संभावना ने भी मामले को और गंभीर बना दिया है।
नकली नोट प्रकरण में जांच अब सिर्फ नोटों की बरामदगी या उनके इस्तेमाल तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोटों की शुरुआत कहां से हुई और इनके पीछे कौन लोग हैं। नोट किस माध्यम से संबंधित लोगों तक पहुंचे और फिर इन्हें कहां-कहां चलाने का प्रयास किया गया, इसकी कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं।
पुलिस की नजर उन सभी लोगों और संपर्कों पर है, जिनका इस प्रकरण से किसी भी स्तर पर संबंध सामने आ रहा है।
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मामले में सामने आने वाले हर तथ्य की पड़ताल की जा रही है, ताकि किसी निर्दोष को जांच के दायरे में लाने के बजाय वास्तविक भूमिका निभाने वालों तक पहुंचा जा सके। मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी अब जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
इसके लिए अलग से टीम गठित किए जाने की तैयारी है। टीम को आरोपितों की लोकेशन, उनके संभावित ठिकानों और आपसी संपर्कों की जानकारी जुटाने के साथ साक्ष्य एकत्र करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
जांच टीम का मकसद सिर्फ गिरफ्तारी करना नहीं, बल्कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के जरिए नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना भी होगा। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस प्रकरण में और कितने लोग जुड़े हो सकते हैं।
