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आर्थिक तंगी ना होती तो एशियन गेम्स में दौड़ रही होती काजल, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में नहीं ले पाई थी हिस्सा

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:04 PM (IST)

सहारनपुर की एथलीट काजल आर्थिक तंगी के कारण एशियन गेम्स में भाग लेने से चूक गईं, जबकि उन्होंने यूपी राज्य प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था।

एथलीट काजल। सौ. स्वयं

एथलीट काजल। सौ. स्वयं

HighLights

  1. काजल आर्थिक तंगी के कारण एशियन गेम्स में भाग नहीं ले पाईं।

  2. यूपी राज्य प्रतियोगिता में 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।

  3. राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की सीरीज पूरी करने के लिए खर्च नहीं था।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जिले के खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन कई बार आर्थिक तंगी आड़े आती रही है, ऐसी ही एक एथलीट काजल है जो कि आर्थिक परेशानियों के चलते यूपी क्वालीफाई करने के बावजूद जापान में होने वाले एशियाई गेम्स में दौड़ लगाने से चूक गई है, जबकि भारतीय टीम के साथ काजल का जाना तय माना जा रहा था।

एथलेटिक्स खिलाड़ी काजल सहारनपुर जिला एथलेटिक्स संघ के माध्यम से जून में प्रयागराज के मदनमोहन मालवीय स्टेडियम में 29 वी उत्तर प्रदेश राज्य सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने गई थी, जहां काजल ने 400 मीटर दौड़ में प्रथम स्थान के साथ स्वर्ण पदक पाया था। इसके बाद भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के नए निर्धारित मानक को पूर्ण करने को उसे सीरीज पूरी करने के लिए तेलंगाना, तमिलनाडु तथा भुवनेश्वर जाना था।

आर्थिक तंगी के चलते काजल सीरीज पूरी नहीं जा पाई तथा नियमों की बाध्यता के कारण काजल का राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे भाग लेने से वंचित होना पड़ा। मानक यह है कि इस 29 वी राष्ट्रीय प्रतियोगिता मे भाग लेने से पूर्व खिलाड़ी को पूर्व की कम से कम तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेना अनिवार्य है, जो काजल आर्थिक अभाव के कारण पूर्ण नहीं कर पाई तथा एशियन गेम्स में दौड़ने से वंचित रह गई।

बेहद गरीब परिवार से है काजल

सहारनपुर के लेबर कालोनी स्थित नंदपुरी कालोनी निवासी काजल चार भाई बहन है तथा वह सबसे बड़ी है, उनके पिता रामलखन हलवाई की दुकान पर कारीगर है तथा माता सरोज घर में कपड़े सिलाई का कार्य करते है।

काजल ने बताया कि नेशनल प्रतियोगिता के नए नियमों की उन्हें जानकारी नहीं थी, तीन नेशनल प्रतियोगिताओं की सीरीज पूरी करने को उसे अपने खर्च पर जाना था, आने जाने के किराए के अलावा खाना खर्च (तकरीबन 25 से 30 हजार) भी स्वयं वहन करना था।

परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि खर्च वहन कर सके। इसलिए उन्हें पिछड़ना पड़ा है। काजल ने हिम्मत नहीं हारी है तथा आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन की तैयारी है, उसका सपना ओलंपिक में गोल्ड जीतने का है।

प्रतिभावान खिलाड़ी है काजल

अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स खेल तकनीक अधिकारी डाॅ. अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि काजल सहारनपुर की प्रतिभावान एथलेटिक्स खिलाड़ी है। वह 400 व 2000 मीटर दौड़ इवेंट में प्रतिभाग कर अनेक पदक अर्जित कर चुकी है। स्टेट प्रतियोगिता में प्रदर्शन के बाद काजल का भारतीय एथलेटिक्स टीम के साथ एशियन गेम्स में जाना निर्धारित माना जा रहा था लेकिन नए नियम व आर्थिक परेशानी के कारण वह पिछड़ गई है।

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