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एशियाड में प्राची के गोल्ड जीतते ही गांव में ढोल की थाप पर झूमे लोग; अब 'गोल्डन गर्ल' के भव्य स्वागत की तैयारी

By Sanju Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 29 Sep 2026 07:35 PM (IST)

Asian Games 2026: जापान में 4x400 मीटर रिले दौड़ में भारतीय टीम ने गोल्ड जीता। इस टीम में सहारनपुर जिले ...और पढ़ें

प्राची चौधरी के गांव में जश्न मनाते स्वजन और अन्य।

प्राची चौधरी के गांव में जश्न मनाते स्वजन और अन्य।

HighLights

  1. प्राची चौधरी 4x400 मीटर रिले रेस जीतने वाली टीम में शामिल।

  2. प्राची का 2 अक्टूबर को गांव में भव्य स्वागत किया जाएगा।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जापान के आइची नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारतीय महिला एथलीट प्राची चौधरी ट्रैक पर दौड़ रही थीं तो उनके गांव झबीरण में माता-पिता, स्वजन और ग्रामीण टकटकी लगाए बेटी की जीत की दुआ रहे थे।

जैसे ही प्राची चौधरी ने महिलाओं की 4x400 मीटर रिले दौड़ में बेटी और उनकी साथियों ने गोल्ड जीता तो गांव के लोग खुशी से झूम उठे। घर से लेकर गांव की गलियों तक जश्न शुरू हो गया। ढोल की थाप गूंजने लगी और स्वजन व ग्रामीण खुशी से थिरकते नजर आए। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाईयां प्राची की स्वर्णिम सफलता की बधाई दी।

प्राची के पिता जयवीर सिंह किसान हैं। बेटी के खेल करियर के शुरुआती संघर्ष को उन्होंने करीब से देखा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपने को पूरा करने में उसका साथ दिया। जब प्राची को प्रशिक्षण के लिए बेहतर जूतों की जरूरत थी, तब पिता ने उधार लेकर उसके लिए जूते खरीदे थे।

झबीरण गांव के लोगों का कहना है कि प्राची ने खुद की मेहनत से यह साबित कर दिया कि छोटे गांव से निकलकर भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। प्राची की सफलता गांव की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है। लोगों ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे भी देश के लिए पदक जीतती रहे।

दो अक्टूबर को गांव में होगा प्राची का स्वागत

जापान से कांस्य और गोल्ड मेडल लेकर प्राची चौधरी दो अक्टूबर को सरसावा स्थित अपने गांव पहुंचेगी। गांव के लोगों ने प्राची के स्वागत की पूरी तैयारी कर रखी है।

स्टेडियम में खिलाड़ियों ने खिलाई मिठाई

प्राची की जीत की खुशी स्पोर्ट्स स्टेडियम में भी मनाई गई। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। खिलाड़ियों ने कहा कि प्राची की सफलता से जिले के एथलीटों का उत्साह बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहारनपुर की बेटी का तिरंगा लहराना जिले के लिए गौरव का पल है।

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बेटी की स्वर्णिम जीत

प्राची चौधरी के पिता जयवीर सिंह ने कहा कि प्राची ने परिवार की उम्मीदों को पूरा कर दिया है। जिस दिन बेटी ने खेल को करियर बनाने का फैसला किया था, उसी दिन से उसके लिए मेहनत शुरू कर दी थी। आज जब वह देश के लिए पदक जीत रही है तो वर्षों की मेहनत सफल होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बेटी के लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि उसने तिरंगे की शान बढ़ाई। मुझे बड़ी खुशी है कि बेटी ने गांव के साथ-साथ देश का नाम रोशन कर दिखाया।

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मां राजेश देवी की आंखों में खुशी के आंसू

प्राची की मां राजेश देवी मां का कहना है कि बेटी ने बचपन से ही खेल के प्रति लगन दिखाई और कड़ी मेहनत से यहां तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्राची जब मैदान में उतरती है तो पूरा परिवार उसके लिए प्रार्थना करता है। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की खबर सुनकर परिवार में बड़ी खुशी है। आगे भी बेटी मेडल लाकर दुनिया में देश का नाम रोशन करेगी।

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