यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आजम खान जिनकी कभी भैंस चोरी हो जाने पर फूल जाते थे पुलिस के हाथ-पांव, अब क्या होगा सियासी सफर!
आकाश सक्सेना की जीत के बाद आजम खान का 45 साल पुराना सियासी सफर खत्म हो गया। हेट स्पीच मामले ...और पढ़ें

नोएडा, मोहम्मद अम्मार खान। रामपुर उपचुनाव में आकाश सक्सेना की जीत के साथ ही रामपुर में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई। आकाश सक्सेना ने रामपुर में ना सिर्फ सपा का किला ढहाया बल्कि रामपुर में सदियों से चला आ रहा आजम खान के सियासी सफर पर भी पूर्णविराम लगा दिया। हालांकि यह तो अब वक्त बताएगा कि आजम अपने सियासी सफर को किस तरह ढाल देते हैं।
एक समय वो था रामपुर ही नहीं बल्कि यूपी में आजम खान की तूती बोलती थी। सपा सरकार में आजम खान कद्दावर कैबिनेट मंत्री के रूप में जाने जाते रहे। लेकिन सियासत के अंतिम पड़ाव पर कानूनी शिकंजे में आजम इस तरह फंसे की उनकी राजनीति की धार कुंद पड़ती चली गई।
हार के बाद बोले आसिम राजा, वोटों पर डाका डाला गया, उस दिन क्या हुआ था सबने देखा
45 साल का सियासी सफर भी हुआ खत्म
आकाश सक्सेना की जीत के बाद आजम खान का 45 साल पुराना सियासी सफर खत्म हो गया। हेट स्पीच मामले में सजा पाने के बाद आजम खान को बीते 28 अक्तूबर को ही अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद आजम खान ने अपने करीबी आसिम राजा पर दांव खेला लेकिन आसिम राजा भी आजम का खोया हुआ तिलिस्म लौटाने में नाकाम रहे।
जब आजम की भैंस चोरी होने पर फूल जाते थे पुलिस के हाथ पांव
वो दौर हर किसी को अच्छे से याद है कि जब एक दफा आजम खान के तबेले से भैंस चोरी हो गई थी तो एसएसपी समेत कई थानों की पुलिस उन भैंसों को खोजने के लिए जुट गई थी। रामपुर की सियासत में जब भी आजम खान का जिक्र होगा तो यह किस्सा हर कोई याद करेगा कि उनकी भैंस चोरी होने पर किस तरह पुलिस के हाथ पांव फूल गए थे। लेकिन एक दौर वो था और एक दौर अब है कि जब आजम खान उपचुनाव में आयोजित चुनावी सभा में झोली फैलाकर रामपुर के लोगों से वोट मांगते नजर आए और यह भी कहने से नहीं चूके कि वह रामपुर के लोगों के गुनाहगार हैं और यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू भी गिरे, लेकिन उपचुनाव के नतीजों पर इन सबका कोई असर नहीं पड़ा।
