सपा में आर-पार! अखिलेश के दखल के बाद भी नहीं बनी बात, रामपुर में सांसद vs आजम समर्थक आमने-सामने
रामपुर में समाजवादी पार्टी दो गुटों में बंट गई है, जिसमें सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और आजम खान के समर्थक आमने-सामने ...और पढ़ें

आजम खान और मोहिबुल्लाह नदवी
HighLights
सपा मुखिया अखिलेश यादव के प्रयास भी नहीं हो रहे सफल
जागरण संवाददाता, रामपुर। सपा के संस्थापक सदस्य आजम खान के जेल जाने के बाद से जिले में पार्टी बिखरती जा रही है। गुटबाजी बढ़ी हुई है। जिले में पार्टी दोफाड़ हो चुकी है। एक ओर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी हैं, जिन्हें खुद अखिलेश यादव ने लोकसभा में आजम खान के विरोध के बावजूद टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा था। वह चुनाव जीत गए और अखिलेश यादव के करीबी बन गए।
अपनी जीत के साथ ही उन्होंने आजम खान के जेल में रहने को लेकर टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद से आजम खान की नाराजगी उनसे इस कदर बढ़ गई कि अखिलेश यादव के प्रयास के बावजूद खत्म नहीं हो सकी।
सांसद ने चुनाव जीतने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान आजम खान के सीतापुर जेल में बंद होने पर तंज करते हुए कहा था कि आजम खान सुधार गृह गए हैं। उम्मीद है कि वहां से सुधर कर बाहर आएंगे।
सीतापुर जेल से 23 सितंबर 2025 को जमानत पर रिहा होकर आए आजम खान ने सांसद के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि मैं सुधार गृह से आया हूं, पर सुधरा नहीं।
सीतापुर जेल से छूटने के बाद रामपुर में उनसे मिलने आठ अक्टूबर को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आए थे। वह अपने साथ लखनऊ से सांसद को भी हैलीकाप्टर में लेकर आ रहे थे।
मगर, आजम ने साफ कह दिया था कि उनके और अखिलेश की मुलाकात के बीच कोई तीसरा नहीं होगा। इसके बाद अखिलेश यादव को बरेली में ही सांसद को उतारकर रामपुर अकेले आना पड़ा था।
आजम व सांसद ने कई बार एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की, जिसने गुटबाजी को हवा दे दी है। चार अक्टूबर को सांसद ने अपने कैंप कार्यालय पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता की, जिसमें गठबंधन से चुनाव लड़ने का एलान किया गया।
इस प्रेसवार्ता से आजम खेमे में शामिल पार्टी जिलाध्यक्ष से लेकर नगर अध्यक्ष तक कोई शामिल नहीं हुआ। इससे फिर एक बार पार्टी की गुटबाजी जगजाहिर हो गई। इस गुटबाजी का असर आने वाले विधानसभा चुनाव में कितना पड़ेगा, यह तो समय बताएगा।
सपा से जुड़े सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता पार्टी से मिले निर्देशों का पालन कर रहे हैं। सभी एकजुट होकर पार्टी को आगे बढ़ाने में लगे हैं। सांसद के कैंप कार्यालय पर पूर्व में गठबंधन को लेकर जो प्रेसवार्ता हुई थी, उसके संबंध में हमें पार्टी की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले थे।
- अजय सागर, जिलाध्यक्ष सपा।
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