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रामपुर जिला अस्पताल बना 'वसूली अड्डा': ₹500 डॉक्टर के, ₹200 वार्ड बॉय के... ऐसे होती थी कमीशन खोरी!

Published: Sat, 10 Jan 2026 11:41 PM (IST)

रामपुर जिला अस्पताल में एक्स-रे के नाम पर मरीज से 1000 रुपये वसूलने का खुलासा हुआ। राज्य महिला आयोग की ...और पढ़ें

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HighLights

  1. राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी से शिकायत करने पर सीएमएस ने वापस दिलाए

जागरण संवाददाता, रामपुर। जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। कुछ दिन पहले सर्जन ने आपरेशन के नाम पर मरीज से चार हजार रुपये लिए थे। अब एक्सरे के नाम पर डाक्टर और स्टाफ ने मरीज से 1000 रुपये ऐंठ लिए। मरीज के तीमारदारों ने इसकी शिकायत राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता सैनी से की।

उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएमएस ने डाक्टर और स्टाफ को नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद मरीज को एक हजार रुपये वापस किए गए। साथ ही डाक्टर और तीन वार्ड ब्वाय को इमरजेंसी ड्यूटी से हटा दिया गया।

छह जनवरी की शाम पटवाई क्षेत्र के पंजाबनगर गांव निवासी अनूप के परिवार का गांव के ही कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। इसमें उनकी 15 साल की बेटी वर्षा घायल हो गई थी। पिता व अन्य स्वजन के साथ उसे लेकर रात आठ बजे जिला अस्पताल आए थे। इमरजेंसी कक्ष में ड्यूटी पर डाक्टर और स्टाफ ने स्वजन को बताया कि चोट कितनी लगी है, इसकी जानकारी एक्स-रे से होगी।

एक्स-रे कराने के नाम पर किशोरी के पिता से एक हजार रुपये ले लिए। अगले दिन राज्य महिला आयोग की सदस्य जिला अस्पताल पहुंचीं थीं। वहां स्वजन ने एक्स-रे के नाम पर एक हजार रुपये लेने की शिकायत उनके से की थी। महिला आयोग की सदस्य ने इस मामले में सीएमएस से नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

सीएमएस ने घटना की रात इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. प्रेम सिंह व अन्य को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा। नोटिस में मरीज से पैसे लेने को अनुचित एवं असंवैधानिक मानते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सीएमएस डा. बीसी सक्सेना ने बताया कि इमरजेंसी मेडिकल आफिसर और तीन वार्ड ब्वाय आरिश, जितेंद्र और सौरभ ने रुपये लिए थे। सभी को इमरजेंसी ड्यूटी से हटा दिया है।

डाक्टर के हिस्से में आए थे 500 रुपये

मरीज से एक्स-रे के नाम पर हजार रुपये का डाक्टर समेत चार कर्मचारियों में बंटवारा हुआ था। डाक्टर के हिस्से में 500 रुपये आए थे, जबकि वार्ड ब्वाय जितेंद्र और आरिफ के हिस्से में 150-150 रुपये आए थे। वार्ड ब्वाय सौरभ ने डील की थी, जिसके कारण उसके हिस्से में 200 रुपये आए थे।

सर्जन ने 10 दिन पहले आपरेशन के नाम पर मरीज से लिए थे चार हजार

जिला अस्पताल में 10 दिन पहले सर्जन डा. आरिफ रसूल पर आपरेशन के नाम पर चार हजार रुपये लेने की शिकायत हुई थी। शिकायत करने वाली महिला शहजादनगर थाना क्षेत्र के निपनिया गांव की रामा देवी थीं। उनके 24 साल के बेटे रोहताश को हाइड्रोसील की समस्या होने पर 30 दिसंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 31 दिसंबर को आपरेशन किया गया।

बेटे के आपरेशन से पहले उन्हें सर्जन को चार हजार रुपये देने पड़े। यह रकम महिला के छोटे बेटे अनिल के हाथ से डाक्टर को दी गई। महिला ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर देकर रुपये मांगने की शिकायत भी की थी। सीएमएस ने सर्जन को नोटिस भी दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। दरअसल, सर्जन संविदा पर है और रविवार को उसकी संविदा भी समाप्त हो रही है।


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