रेलवे की नई योजना से बड़ी राहत: माल ढुलाई होगी सस्ती; कपड़ा, फल-सब्जी समेत इन कारोबारियों को मिलेगा फायदा
रेलवे जल्द ही माल ढुलाई की नई योजना लागू करेगा, जिससे सड़क परिवहन की तुलना में लागत काफी कम होगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
रेलवे की माल ढुलाई योजना जल्द लागू होगी।
रामपुर के मेंथा, प्लाईवुड कारोबारियों को लाभ।
परिवहन लागत घटेगी, प्रदूषण भी कम होगा।
जागरण संवाददाता, रामपुर। आम बजट-2026-27 में केंद्र सरकार ने रेल से माल ढुलाई करने की योजना लागू करने का जिक्र किया था। इस पर रेलवे जल्द अमल शुरू करने जा रहा है। कारोबारियों को माल ढुलाई में राहत देने के लिए रेलवे अब उन तक सीधे पहुंच बनाने की तैयारी में है। रेलवे व्यापारियों की मांग के अनुसार पार्सल वैन, मिनी रैक और रियायती दरों पर माल बुकिंग की तैयारी कर रहा है।
रेलवे मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, सड़क से माल ढुलाई की लागत करीब 3.60 रुपये प्रति टन-किलोमीटर और रेल से करीब 1.60 रुपये प्रति टन-किलोमीटर है। यह अंतर काफी बड़ा है।
रेलवे की इस पहल का सबसे अधिक लाभ जिले के मेंथा निर्यातकों और लकड़ी कारोबारियों को होगा। जिले से हर साल 1750 करोड़ का मेंथा विदेशों में निर्यात किया जाता है। इसे लाजिस्टिक के माध्यम से भेजा जाता है।
इसी तरह जिले में प्लाईवुड का बड़ा काम है। यहां बनने वाली प्लाई पूरे देश में सप्लाई होती हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुंबई, बैंग्लुरू, विशाखापट्टनम सहित अन्य शहरों में माल जाता है। इसके अतिरिक्त कपड़ा, फल, सब्जी और किराना कारोबार से जुड़े व्यापारियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
जिले में मेंथा की 10 से अधिक फर्म हैं। जबकि लकड़ी के उत्पाद तैयार करने वाली करीब 200 इकाइयां हैं। दोनों कारोबार से करीब 1000 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं।
अधिकारी बोले-
रेलवे द्वारा पहले से माल ढुलाई की जा रही है। ट्रेनों में लगे पार्सल यान के जरिए व्यापारी छोटे-छोटे सामान मंगाते और भेजते रहते हैं। अब रेलवे ने माल ढुलाई को लेकर क्या योजना बनाई है, इसके संबंध में अभी यहां कोई गाइडलाइन नहीं आई है। हालांकि इस योजना से डीजल की बचत के साथ सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी और कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा।
-मोहम्मद आजम, स्टेशन अधीक्षक।
इन्होंने बताया-
कपड़ा कारोबारियों के लिए दूसरे शहरों से थोक में आने वाले कपड़े, तैयार परिधान और अन्य माल की ढुलाई एक महत्वपूर्ण खर्च है। नियमित और बड़ी खेप में माल मंगाने वाले व्यापारी यदि रेल से बुकिंग करा सकें तो परिवहन लागत घटने की संभावना है। इससे कारोबारियों की लागत कम हो सकती है और बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर सामान उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
-श्रीष गुप्ता, एमडी हस्तकला प्राइवेट लिमिटेड।
हर तरह के माल में रेल सस्ती पड़े, यह जरूरी नहीं है। कम दूरी पर ट्रक सीधे दुकान या गोदाम तक पहुंच जाता है, जबकि रेल से माल भेजने में एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचाने, चढ़ाने-उतारने और गंतव्य से अंतिम स्थान तक पहुंचाने का खर्च भी जुड़ता है। ऐसे में रेलवे के लिए व्यापारियों की जरूरत के अनुसार बुकिंग की सुविधा विकसित करना महत्वपूर्ण होगा।
-शलभ गोयल, प्लाईवुड कारोबारी।
मेंथा उत्पाद बाहर निर्यात करने के लिए एयर कंडीशन लाजिस्टिक की जरूरत पड़ती है। मेन्थाल क्रिस्टल अधिक तापमान पर पिघलने लगते हैं। इन्हें साधारण कंटेनर या रेल के जरिए नही भेजा सकता है। रेलवे को इसके लिए रेफ्रिजरेटेड रेल वैगनों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। इससे जनपद में उत्पादित मेंथा तेल या उससे बनने वाले उत्पादों को बंदरगाहों तक भेजना आसान होगा।
-विपिन गुप्ता, मेंथा निर्यातक।
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