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रायबरेली में दुकानों के आवंटन पर कुंडली मारकर बैठा रेलवे, 2013 में बनकर तैयार हुआ भवन अब भी वीरान

Published: Sun, 01 Nov 2026 09:52 AM (IST)

रायबरेली रेलवे स्टेशन पर 2013 में 65 लाख रुपये की लागत से बनी मल्टी फंक्शनल बिल्डिंग (एमएफबी) अभी तक उपयोग ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. 2013 में 65 लाख की लागत से बना भवन।

  2. मल्टी फंक्शनल बिल्डिंग (एमएफबी) अभी तक अनुपयोगी।

  3. दुकानों का आवंटन और उपयोग अधर में।

जागरण संवाददाता, रायबरेली। रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2013 में करीब 65 लाख रुपये की लागत से मल्टी फंक्शनल बिल्डिंग (एमएफबी) का निर्माण कराया गया। इस भवन में फूड कोर्ट के साथ पांच दुकानों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन निर्माण के बाद से ही इसका अपेक्षित उपयोग नहीं हो सका।

वर्ष 2014 में भवन का हैंडओवर मिलने के बाद भी सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) विभाग अब तक दुकानों के आवंटन की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं कर सका है। इस भवन का इस्तेमाल शुरू होने से यात्रियों को खानपान और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही रेलवे को राजस्व भी मिलेगा। लोको लाबी के चीफ क्रू कंट्रोलर गंभीर सिंह का कहना है कि मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) की ओर से इस भवन को लोको पायलट और गार्ड के लिए लोको लाबी के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया था।

इस संबंध में स्थानीय रेलवे अधिकारियों की ओर से रिपोर्ट भी भेजी गई थी, लेकिन इस दिशा में भी अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से तैयार भवन का उपयोग नहीं हो पाना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

रेलवे अधिकारी भवन के व्यावसायिक उपयोग के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करते हैं या लोको लाबी बनाने के प्रस्ताव पर आगे कार्रवाई करते हैं। फिलहाल दोनों ही विकल्पों पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। सहायक मंडल अभियंता राजकुमार का कहना है कि हम नए आए हैं। पत्रावली पढ़ने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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