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खेतों की नमी गायब, नहरों में सूखा... रायबरेली के 150 गांवों के 40000 किसानों पर मंडराया पानी का संकट

Published: Mon, 05 Oct 2026 03:04 PM (IST)

रायबरेली में धान की फसल को अंतिम सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन नहरें सूखी पड़ी हैं और बारिश न होने ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. धान की फसल को अंतिम सिंचाई की सख्त जरूरत है।

  2. एक सप्ताह से बारिश नहीं, नहरें सूखी, नमी गायब।

  3. 40 हजार किसान पानी के अभाव में फसल सूखने से चिंतित।

संवाद सूत्र, रायबरेली। अन्नदाताओं की धान की फसलें तैयार होने को हैं। सिंचाई के लिए एक, दो पानी की और आवश्यकता है। एक सप्ताह से बरसात न होने व पछुआ हवाओं के बीच खेतों की नमी सूख गई है। कुछ किसान निजी संसाधनों से अधिक पैसे खर्च फसल को बचाने की जुगत में लगे हैं, तो वहीं कुछ किसान संसाधन न होने से लाचार व बेबस नजर आ रहे हैं। ऐसे में सूखी नहरें देख किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। किसानों की लगातार मांग के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
डलमऊ पंप नहर की ऊंचाहार रजबहा के सहारे पूरे कुशुमी, कल्यानपुर, गड़रियन, कमोली, किसुनदास पुर, पूरे मालिन, फुटहा, पूरनशाहपुर, सरबहदा, मियांपुर, रामसांडा, गंधवी बाहरपुर, पचखरा, पूरे भद्दी, मकवापुर, लाला का पुरवा, महिमा पुर, कंदरावा, बरसवां समेत 150 गांवों के करीब 40 हजार से अधिक किसान अपनी फसलें तैयार करते हैं।

धान की फसल को अंतिम सिंचाई की जरूरत

महिमा पुर निवासी अनिल यादव, शिवप्रसाद निर्मल, कुलदीप, बुदी यादव, चक्रधारी, कंसपाल, संतोष कुमार, रामहर्ष आदि का कहना है कि नहर के भरोसे वह खेतों में धान, गेहूं समेत अन्य फैसलें तैयार करते हैं। उनके पास खेतों की सिंचाई के लिए नहर के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इस बार खरीफ की फसल में नहर ने पूरी तरह धोखा दे दिया है। गनीमत रही की बीच-बीच में बरसात होती रही। अब धान की फसल को अंतिम सिंचाई की आवश्यकता है।

सुबह से शाम तक हो रही धूप व पछुआ हवाओं के बीच सिंचाई के अभाव में फसलें सूखने लगी हैं। यदि खेतों की जल्द ही सिंचाई न की गई तो उपज प्रभावित हो जाएगी। नहर में पानी छोड़े जाने को सिंचाई विभाग से लगातार मांग की जा रही है, लेकिन नतीजा शून्य है।

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पचखरा निवासी उदय कछवाह, अमरदीप, जितेंद्र मिश्र, पवन कुमार, होरैसा निवासी विवेक सिंह, कोटिया चित्रा के नीरज, धीरेंद्र आदि ने भी दूरभाष व सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर नहर में जल्द पानी छोड़े जाने की मांग की है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता प्रवीण कुमार पांडेय ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है, जल्द नहर में टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा।