PM मोदी के जन्मदिन पर लाखों लोगों ने किया महामृत्युंजय मंत्र का जाप, हवन कर की प्रधानमंत्री के दीर्घायु की कामना
ऊंचाहार/जगतपुर में खाद्य एवं रसद मंत्री द्वारा आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का समापन हुआ, जिसमें पंडित प्रदीप मिश्र ने गणेश विवाह प्रसंग का वर्णन किया।
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HighLights
ऊंचाहार में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का समापन।
पंडित प्रदीप मिश्र ने गणेश विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण और हवन।
संवाद सूत्र, ऊंचाहार/जगतपुर (रायबरेली)। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय मार्ग स्थित चंड़रई टोल प्लाजा के पास खाद्य एवं रसद मंत्री डा. मनोज कुमार पांडेय की ओर से आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का गुरुवार को समापन हो गया। अंतिम दिवस कथा व्यास पंडित प्रदीप मिश्र ने गणेश विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर कथाव्यास समेत मौजूद लोगों ने महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण और हवन कर दीर्घायु की कामना की।
कथा समापन पर पर पंडित प्रदीप मिश्र के सानिध्य में लाखों लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर महामृत्युंजय मंत्र का उच्चारण किया गया। इसके साथ ही हवन भी किया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है।
उनके जीवन प्रसंग से मनुष्य को बुद्धि, विवेक, संयम और माता-पिता के सम्मान की सीख मिलती है। उन्होंने गणेश विवाह प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब भगवान शिव और माता पार्वती ने अपने पुत्रों के विवाह का विचार किया तो दोनों के बीच पहले विवाह को लेकर प्रतियोगिता हुई। जो तीनों लोकों की परिक्रमा कर पहले लौटेगा, उसका विवाह पहले करने की बात कही गई।
परिक्रमा को तीनों लोकों के समान बताया
कथा के अनुसार भगवान कार्तिकेय अपने वाहन पर सवार होकर तीनों लोकों की परिक्रमा के लिए निकल गए, जबकि श्रीगणेश ने अपने माता-पिता भगवान शिव और माता पार्वती की ही परिक्रमा कर उन्हें तीनों लोकों के समान बताया।
उनकी श्रद्धा और बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर उन्हें प्रथम पूज्य होने का आशीर्वाद मिला। कथा व्यास ने कहा कि श्रीगणेश का यह प्रसंग माता-पिता के प्रति सम्मान और समर्पण का संदेश देता है। गणेश विवाह प्रसंग का वर्णन होते ही कथा पंडाल में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ गया।
महिलाओं और पुरुषों ने भक्ति गीतों के साथ भगवान शिव और गणेश के जयकारे लगाए। कथा व्यास ने कहा कि सनातन परंपरा में परिवार और संस्कारों का विशेष महत्व है। माता-पिता की सेवा, सदाचार और ईश्वर के प्रति भक्ति से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
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सात दिवसीय कथा के विश्राम दिवस पर कथा स्थल पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा, पार्किंग और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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पूरे कथा पंडाल में ‘हर-हर महादेव’ और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष गूंजते रहे। खाद्य एवं रसद मंत्री डा. मनोज कुमार पांडेय ने कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
अनुराग पांडेय, अमिताभ पांडेय, नीलम पांडेय, प्रतीक राज पांडेय, मनी पांडेय, शिवा पांडेय, सुरेंद्र कुमार द्विवेदी, प्रमोद सिंह फौजी, शिवनारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
