राहुल गांधी से संसदीय क्षेत्र रायबरेली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बोले-भाजपा वाले नकली हिंदू
Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस आक्रामक तेवर और बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
HighLights
सपा अध्यक्ष का दावा भाजपा को खत्म कर देगा ‘वोट का बुलडोजर’
बछरावां से पीडीए रथ पर सवार हुए अखिलेश यादव
2022 में सपा ने रायबरेली के छह में से चार विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज की थी जीत
जागरण संवाददाता, रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में अपना चुनावी अभियान शुरू किया।
बछरावां से अखिलेश यादव पीडीए रथ पर सवार हुए और राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। लखनऊ से शुरू हुई इस यात्रा को समाजवादी पार्टी के जमीनी संपर्क और संगठन को सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता एकत्रित हुए और उनके रथ के साथ चले।
रायबरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ दल पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आगामी समय में ‘वोट का बुलडोजर’ भाजपा को पूरी तरह से खत्म कर देगा। सपा प्रमुख ने दावा किया कि यह लड़ाई आज की नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें हजारों वर्ष पुरानी हैं और देश-प्रदेश के शोषित, पीड़ित तथा वंचित वर्ग के लोग इन्हें सत्ता से हराने का काम करेंगे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि PDA के लोग भाजपा को हराने का काम करेंगे। हम निर्बल और कमजोर लोगों के साथ हैं। हम आरक्षण को बचाने के लिए खड़े हैं और हम हिंदुस्तानियत को बचाने के लिए खड़े हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग संविधान, कानून को नहीं मानते। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले नकली हिंदू हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि आरक्षण बचाने और देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब यानी ‘हिंदुस्तानियत’ की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती से डटी हुई है। सभा के दौरान तीखे तेवर दिखाते हुए उन्होंने यह भी कह दिया कि भाजपा वाले केवल दिखावा करते हैं और वे ‘नकली हिंदू’ हैं।
उन्होंने कहा कि अब तो मौसम बदल रहा, हवा बदल रही और जो भागेगा, वो हारेगा। हमको रायबरेली की हर सीट पर भाजपा को हराना है। हम बुलडोजर नीति खत्म करेंगे और पुरानी पेंशन दुबारा देंगे। जल्द ही सबको केदारेश्वर महादेव मंदिर ले चलेंगे और वहां भजन जैमिंग होगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि अब तो इलेक्शन कमीशन का भेद भी खुल गया है। यह लोग घटिया काम कर रहें हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इस आक्रामक तेवर और बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है।
जनसभा में उमड़ी भीड़ के बीच उन्होंने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को और मजबूत करने का आह्वान किया और कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा। उनके इस संबोधन के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सपा प्रमुख ने पीडीए रथ यात्रा में उमड़े जनसमूह के जरिए सीटों के बंटवारे को लेकर अपना साफ संदेश दिया है।
रायबरेली का चुनावी गणित
राजनीति में रायबरेली को भले ही कांग्रेस का गढ़ समझा जाता है, लेकिन यहां सपा का भी खासा दखल है। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने गठबंधन से चुनाव लड़ा था। कांग्रेस के खाते में हरचंदपुर, सदर, बछरावां और सलोन सीट गई थी, जबकि सपा को ऊंचाहार और सरेनी सीट मिली थी। 2022 में सपा और कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे। इसमें ऊंचाहार, सरेनी, बछरावां, हरचंदपुर सीट पर सपा ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस का खाता नहीं खुला था।
