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सपा ने विधान परिषद में बदला नेता प्रतिपक्ष, लाल बिहारी यादव की जगह लेंगे मोहम्मद जासमीर अंसारी

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:44 PM (IST)

Samajwadi Party: समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपने नेतृत्व में बदलाव करते हुए जासमीर अंसारी को नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है।

अखिलेश यादव के साथ जासमीर अंसारी (दाएं) और लाल बिहारी यादव

अखिलेश यादव के साथ जासमीर अंसारी (दाएं) और लाल बिहारी यादव

HighLights

  1. विधान परिषद में नेता विरोधी दल के पद से लाल बिहारी यादव ने दिया इस्तीफा

  2. अखिलेश यादव ने मोहम्मद जासमीर अंसारी के नाम पर लगाई मुहर

डिजिटल डेस्क, लखनऊ : राज्यसभा के साथ ही उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में नेता सदन में बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में अब मोहम्मद जासमीर अंसारी समाजवादी पार्टी से नेता प्रतिपक्ष होंगे।

सपा ने विधान परिषद में बड़ा बदलाव करते हुए जसमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। अंसारी अब तक विधान परिषद में पार्टी के उपनेता थे। यह फैसला 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लिया गया है। पार्टी का फोकस पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मोहम्मद जासमीर अंसारी के विधान परिषद में नेता विरोधी दल के रुप में मोहम्मद जासमीर अंसारी के नाम पर मुहर लगा दी है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके नाम पर मुहर लगा दी है।

जासमीर अंसारी वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे लाल बिहारी यादव की जगह लेंगे। लाल बिहारी यादव ने परिषद में नेता विरोधी दल के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल भी इसी वर्ष नवंबर तक का ही है। पार्टी के इस फैसले को आगामी राजनीतिक समीकरणों और सांगठनिक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। जासमीर अंसारी जल्द ही औपचारिक रूप से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

लाल बिहारी यादव ने औपचारिक रूप से विधान परिषद के सभापति को पत्र लिखकर इस बदलाव की जानकारी दी और उनसे अनुरोध किया कि विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के के उप-नेता अंसारी को विपक्ष का नेता नामित किया जाए। यह बदलाव आगामी विधान परिषद चुनावों से पहले हुआ है। लाल बिहारी यादव जुलाई 2024 से विपक्ष के नेता के तौर पर काम कर रहे थे। परिषद चुनावों की घोषणा के बाद बुधवार को उन्होंने इस्तीफा दे दिया और कहा कि वह वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।

सीतापुर जिले के लहरपुर के रहने वाले अंसारी का जन्म 12 जनवरी 1968 को हुआ था। उन्होंने 2007 से 2017 के बीच दो बार बहुजन समाज पार्टी के विधायक के तौर पर लहरपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए और 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद समाजवादी पार्टी में चले गए। अंसारी 2022 में विधान परिषद के लिए चुने गए थे और बाद में उन्हें सदन में उप-नेता बनाया गया था। उन्होंने परिषद की आश्वासन समिति के अध्यक्ष के तौर पर भी काम किया है।

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