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UP TET प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा, बिना सत्यापन नियुक्त हुए सैकड़ों शिक्षक

Published: Fri, 29 May 2026 09:36 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शिक्षकों के फर्जी यूपी टीईटी प्रमाणपत्रों का खुलासा हुआ है, जिससे नियुक्ति से पहले ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. फर्जी टीईटी प्रमाणपत्रों से कई शिक्षकों को मिली नौकरी।

  2. नियुक्ति से पहले जिला स्तर पर सत्यापन में चूक।

  3. पीएनपी के सत्यापन में फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा।

राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के कई प्रमाणपत्र उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) कार्यालय द्वारा किए गए सत्यापन में फर्जी मिलने से जिलों में किए गए अभिलेख सत्यापन पर प्रश्न उठे हैं।

पीएनपी ने टीईटी का परीक्षाफल आनलाइन उपलब्ध कराने के साथ व्यवस्था दी है कि प्रमाणपत्रों का आनलाइन सत्यापन किया जा सकता है। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा परिषद की शिक्षक भर्तियों में कई जिलों में कुछ अभ्यर्थियों के टीईटी के प्रमाणपत्र पीएनपी के सत्यापन में तब फर्जी/कूटरचित मिले, जब उन्हें नौकरी और वेतन पाते हुए महीनों/वर्ष बीत गए हैं।

ऐसे में माना जा रहा है नियुक्ति देने से पहले कराई गई काउंसलिंग में संबंधित के प्रमाणपत्रों का सत्यापन जिलों में नहीं किया गया। यह प्रश्न देवरिया, आगरा, बलरामपुर, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, कौशांबी के बाद सीतापुर के सात शिक्षकों के टीईटी प्रमाणपत्रों का पीएनपी कार्यालय में सत्यापन किए जाने के बाद उठा है। सीतापुर के मामले में पांच अभ्यर्थियों के टीईटी प्रमाणपत्र पर जो अनुक्रमांक अंकित है, वह पीएनपी ने आवंटित ही नहीं किए थे।

इसी तरह दो अन्य ने जिस अनुक्रमांक का प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर नौकरी पाई, वह पीएनपी ने उन्हें नहीं, बल्कि दो अन्य अभ्यर्थियों को आवंटित किए थे। ऐसे में यदि काउंसलिंग में सही ढंग से सत्यापन कराया गया होता तो उसी समय फर्जीवाड़ा सामने आ जाता।

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मामले में पीएनपी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि टीईटी के परीक्षाफल आनलाइन उपलब्ध हैं। सत्यापन के संबंध में पूर्व में आदेश निर्गत है कि आनलाइन माध्यम से सत्यापन किया जा सकता है। यदि किसी मामले में संदिग्ध स्थिति मिलती है तो उसे पीएनपी कार्यालय भेजकर सत्यापन कराया जा सकता है।

वर्ष 2011 से टीईटी का आयोजन शुरू हुआ। पहली टीईटी यूपी बोर्ड ने कराई थी। 2012 में टीईटी का आयोजन नहीं हुआ। वर्ष 2013 से यह आयोजन पीएनपी करा रहा था। अब इसके आयोजन का दायित्व उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को दिया गया है।