UP के प्राथमिक विद्यालयों में 11508 सहायक अध्यापक भर्ती विज्ञापन से प्रतियोगी छात्र उत्साहित, शिक्षामित्र निराश क्यों?
प्राथमिक विद्यालयों में 11,508 सहायक अध्यापकों की भर्ती के विज्ञापन से प्रतियोगी छात्र उत्साहित हैं, लेकिन शिक्षामित्रों को निराशा हाथ ...और पढ़ें

उप्र के प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों की भर्ती विज्ञापन से शिक्षामित्रों में निराशा है।
HighLights
इन पदों के विज्ञापन के नियम व शर्तों में शिक्षामित्रों के भारांक और कोटे की व्यवस्था नहीं
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को लिखा पत्र
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में 11508 सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन प्रतियोगी छात्रों को उत्साहित करने वाला है। दूसरी ओर लंबे समय से भर्ती की बाट जोह रहे शिक्षामित्रों को निराशा हाथ लगी है। इन पदों के विज्ञापन में जो निमय और शर्तें हैं उनमें भारांक और कोटे की व्यवस्था नहीं है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा और शिक्षा सेवा चयन आयोग से पत्राचार किया है।
प्रदेश में करीब 1.42 लाख शिक्षामित्र परिषदीय स्कूलों में करीब 26 वर्ष से सेवा दे रहे हैं। उम्मीद थी कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों के लिए विशेष निर्देश होंगे। वजह यह कि सर्वोच्च न्यायालय ने राम शरण मौर्य केस में नवंबर 2020 दिए आदेश में भारांक देने को कहा था।
यह बात तब आई थी जब सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2017 में शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। शीर्ष अदालत के आदेश पर प्रदेश सरकार ने 68500 और 69000 भर्ती में शिक्षामित्रों को 2.5 अंक का भारांक दिया था। उस समय हुई परीक्षा का पूर्णांक 150 अंक था। इस बार की शिक्षक भर्ती परीक्षा का पूर्णांक 360 अंक है। ऐसे में भारांक बढ़ना चाहिए लेकिन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में इसका कोई उल्लेख नहीं है।
यह जरूर है कि सेवानिवृत्ति की आयु (60 साल) तक आवेदन के लिए अर्ह माना गया है। पूर्व की दोनों भर्तियों में क्रमशः लगभग सात और आठ हजार शिक्षामित्रों को नौकरी मिली थी। अब तक 90 हजार से अधिक शिक्षामित्र टीईटी पास कर चुके हैं। इनका कहना है कि वे शिक्षक पद के सापेक्ष कार्य कर रहे हैं। एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार सहायक अध्यापक की न्यूनतम अर्हता भी रखते हैं। ऐसे में उन्हें समायोजित किया जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष वीसम अहमद का कहना है कि विशेष टीईटी में 26 वर्ष से शिक्षण कर रहे शिक्षामित्रों को आवेदन की अनुमति की मांग चल रही थी, इसी बीच पदों का विज्ञापन आ गया। अब संगठन ने मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव व शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखकर भारांक मांगा है।
बसपा सरकार की भतियों में मिला था दस प्रतिशत कोटा
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष का कहना है कि 2007 में 60 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई। 2008 में 18208 और 2009 में दस हजार शिक्षक बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती हुए। इन सभी में तत्कालीन बसपा सरकार ने शिक्षामित्रों को दस प्रतिशत का कोटा दिया था। इसके लिए फिर शासन स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
