विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UP में 27 जिलों के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति की अनदेखी, प्रतापगढ़ के विद्यालय भी इसमें शामिल

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 02 Oct 2026 07:34 PM (IST)

यूपी बोर्ड ने 27 जिलों के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति की अनदेखी पर चिंता जताई है, जहां 30% से भी ...और पढ़ें

प्रदेश में 27 जिलों के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति की अनदेखी पर यूपी बोर्ड ने सख्ती की है।

प्रदेश में 27 जिलों के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति की अनदेखी पर यूपी बोर्ड ने सख्ती की है।

HighLights

  1. यूपी बोर्ड की ओर से सभी जिलों के डीआइओएस को लिखा पत्र

  2. निगरानी बढ़ाने, एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की हिदायत

राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने सभी माध्यमिक स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति एप के माध्यम से दर्ज कराने का निर्देश दिया है। प्रदेश के 27 जिलों में इस निर्देश की अनदेखी की जा रही है। यहां 30 प्रतिशत से भी कम स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मी दर्ज करा रहे हैं।

इन जिलों के स्कूलों की स्थिति

इन जिलों में सुल्तानपुर, कुशीनगर, वाराणसी, इटावा, गौतम बुद्ध नगर, कानपुर देहात, प्रतापगढ, हमीरपुर, अमेठी, चंदौली, बस्ती, फर्रुखाबाद, बलिया, कानपुर नगर, हरदोई, उन्नाव, गोरखपुर, गाजीपुर, अयोध्या, जौनपुर, आगरा, सिद्धार्थनगर, मैनपुरी, बहराइच, लखनऊ, फिरोजाबाद व गोंड शामिल हैं।

यूपी बोर्ड की सख्ती 

यूपी बोर्ड ने इस व्यवस्था की निगरानी करते हुए स्कूलों की समीक्षा जिलेवार प्रत्येक सप्ताह करने का निर्णय लिया है। जिनकी उपस्थिति 30 प्रतिशत से कम होगी उन स्कूलों को बोर्ड से होने वाली ऑनलाइन समीक्षा में प्रत्येक सप्ताह शामिल होना पड़ेगा।

बोर्ड सचिव ने जिविनि को पत्र जारी किया 

यूपी बोर्ड के अपर सचिव (प्रशासन) सत्येंद्र कुमार सिंह की ओर जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र जारी कर कहा गया है कि जिन जनपदों में ऑनलाइन उपस्थिति 30 प्रतिशत या उससे कम है, वहां आवश्यक पर्यवेक्षण का अभाव है। ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति का नियमित और शत-प्रतिशत अंकन शासन व परिषद की प्राथमिकता है।

स्कूलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश  

इसके बावजूद विद्यालयों द्वारा अपेक्षित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं किया जाना पर्यवेक्षणीय शिथिलता का परिचायक है। सभी डीआइओएस को निर्देशित किया गया है कि स्कूलों की निगरानी बढ़ाई जाए। प्रत्येक कार्यदिवस पर शत प्रतिशत स्कूलों की ओर से एप के जरिए उपस्थिति दर्ज कराई जाए।

यह भी पढ़ें- 41 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों को संस्था आवंटित, 11 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त: UPESSC ने जारी किया विषयवार पैनल

यह भी पढ़ें- प्रयागराज: गांवों में भ्रष्टाचार की रेंग रहीं फाइलें, विभागों में 100 मामले धूल फांक रहे सरकारी सिस्टम पर उठे सवाल