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UP के गांवों में बने उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय बाजार, प्रयागराज समेत 5 जिलों में खुलेंगे एग्रीगेशन सेंटर

By Surya Prakash Tiwari Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 13 Sep 2026 06:44 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के गांवों में बने उत्पादों को अब राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय बाजार मिलेगा।इसके लिए प्रयागराज समेत पांच जिलों में एग्रीगेशन सेंटर खोले जाएंगे।

यूपी के ग्रामीण उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, प्रयागराज में भी एग्रीगेशन सेंटर खुलेगा।

यूपी के ग्रामीण उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, प्रयागराज में भी एग्रीगेशन सेंटर खुलेगा।

HighLights

  1. उत्पादों के एकत्रीकरण व आपूर्ति के लिए पांच जिलों में खोले जाएंगे एग्रीगेशन सेंटर

  2. पहले चरण में बिजनौर में हुआ संचालन, अब प्रयागराज में भी खोजा जा रहा है स्थल

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले और कस्बों तक सीमित रह गए स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय बाजार तक पकड़ होगी। गांव की हस्तशिल्पी महिलाओं के बनाए उत्पाद ऑनलाइन व ऑफलाइन बिक्री के माध्यम से दूसरे शहरों तक पहुंचेंगे। इसके लिए पांच जिलों में एग्रीगेशन सेंटर खोलने की तैयारी है। बिजनौर में एक सेंटर खुल चुका है। अब चार अन्य सेंटर खुलने अभी बाकी है। प्रयागराज प्रशासन से भी इनके लिए स्थल चयन कर प्रस्ताव मांगा गया है।

उत्पाद एग्रीगेशन सेंटरों में एकत्र किए जाएंगे 

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद स्तर पर चिन्हित किए गए संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) इन एग्रीगेशन सेंटरों का संचालन करेंगे। महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को इन एग्रीगेशन सेंटरों में एकत्र किया जाएगा। यहां पर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण, मानकीकरण होगा।

उत्पादों की आकर्षक पैकिंग होगी

उत्पादों की आकर्षक पैकिंग भी की जाएगी। यह सेंटर ई-बाजार से भी जुड़े होंगे। ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन आने वाले आर्डर पर इन सेंटरों से उत्पाद देश के विभिन्न प्रदेशों और शहरों तक पहुंचाए जाएंगे। इससे गांव की महिलाओं के उत्पादों की पहुंच का दायरा बढ़ेगा। व्यापार के साथ महिलाओं की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।

एनआरएलएम ने जिलों से प्रस्ताव मांगा

प्रदेश के पांच जिलों में यह सेंटर खोले जाने हैं। बिजनौर में आकाशदीप संकुल स्तरीय संघ ने प्रदेश के पहले एग्रीगेशन सेंटर का संचालन शुरू कर दिया है। अब एनआरएलएम के संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने अन्य जनपदों से भी एग्रीगेशन सेंटर के लिए प्रस्ताव मांगा है।

प्रयागराज के डीएम के निर्देश 

प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी को एग्रीगेशन सेंटर के लिए तय मानकों के अनुसार स्थल और संकुल स्तरीय संघ के चयन के निर्देश दिए हैं।

26 हजार समूहों से जुड़ी हैं करीब तीन लाख महिलाएं

एनआरएलएम के तहत जिले में बने 26 हजार समूहों से गांवों की करीब तीन लाख महिलाएं जुड़ी हैं। इनमें कोई मूंज से बने घरेलू साज-सज्जा के सामान बना रहा है तो कोई साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, अचार, घी, खिलौने। कुछ महिलाओं रेडीमेड कपड़ों का छोटा सा कारखाना लगा रखा है। इन कामकाजी महिलाओं के उत्पाद शहर, कस्बों और गांवों की बाजार से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। यह एग्रीगेशन सेंटर इसी समस्या का हल बनेंगे।

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