1.25 लाख से अधिक प्रयागराज के भवन स्वामियों को राहत, गृहकर के बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं देना होगा
प्रयागराज में 1.25 लाख से अधिक भवन स्वामियों को गृहकर के बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज से राहत मिली है। अब ...और पढ़ें

प्रयागराज के भवन स्वामियों को अब गृहकर के बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं देना होगा।
HighLights
गृहकर के संपूर्ण बकाये पर अब देना होगा 12 प्रतिशत ब्याज
नगर निगम के सदन में यह संकल्प सर्वसम्मति से पास हुआ
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गृहकर के बकाये पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज से भवन स्वामियों को अब राहत मिलेगी। नगर निगम ने चक्र वृद्धि ब्याज का प्राविधान समाप्त कर बकाये गृहकर पर केवल वार्षिक ब्याज लेने का निर्णय किया है। इससे शहर के 1.25 लाख से अधिक भवन स्वामियों को सीधा लाभ मिलेगा।
पिछले दिनों नगर निगम के मिनी सदन में यह संकल्प सर्वसम्मति से पारित किया गया। निर्णय की घोषणा होते ही पार्षदों ने मेज थपथपाकर इसका स्वागत किया। अब गृहकर के बकाये पर ब्याज की गणना चक्रवृद्धि आधार पर नहीं होगी। भवन स्वामियों से सालाना 12 प्रतिशत की दर से ब्याज लिया जाएगा। यानी प्रति माह एक प्रतिशत के हिसाब से वार्षिक ब्याज देय होगा। इससे लंबे समय से गृहकर बकाये पर ब्याज बढ़ने से परेशान भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई ने बताया कि पहले गृहकर बकाये पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ हर महीने एक प्रतिशत के हिसाब से ब्याज जुड़ता रहा। इसके कारण बकाया राशि पर ब्याज भी बढ़ता जाता था और कई मामलों में भवन स्वामी पर वास्तविक बकाये से काफी अधिक देनदारी बन रही थी।
नए निर्णय के बाद चक्रवृद्धि ब्याज की व्यवस्था समाप्त कर केवल वार्षिक ब्याज लिया जाएगा। नगर निगम की ओर से गृहकर, पानी और सीवर के बकाये के लिए एकमुश्त समाधान योजना भी लागू की गई है। इसके तहत बकाये पर लगने वाला ब्याज शत-प्रतिशत माफ करने का प्राविधान किया गया है। अब चक्रवृद्धि ब्याज खत्म करने के निर्णय से बकायेदारों को दोहरी राहत मिलने की उम्मीद है।
महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि नगर निगम जनहित में लगातार ऐसे निर्णय ले रहा है, जिससे शहरवासियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम हो। आने वाले समय में जनता को राहत देने के लिए और भी महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। पार्षद शिव सेवक सिंह, विनय मिश्र सिंटू, मीनू तिवारी, आनंद घिल्डियाल, भोला तिवारी समेत अन्य पार्षदों ने संकल्प का स्वागत किया है।
