UP Board: ऑनलाइन उपस्थिति सुधारने वाले स्कूलों को फायदा, बोर्ड परीक्षा केंद्र बनने का मजबूत होगा दावा
यूपी बोर्ड ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनने में प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

यूपी बोर्ड स्कूलों मेंऑनलाइन उपस्थिति सुधारने की कवायद तेज कर दी है।
HighLights
180 दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने वाले स्कूलों को मिलेगा 20 अंक
राज्य और जिले की मेधा सूची में जगह बनाने वाले स्कूल भी पाएंगे महत्व
अमलेन्दु त्रिपाठी, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने प्रदेश के सभी स्कूलों में शिक्षकों, कर्मियों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दे रखा है। एक सप्ताह पहले तक बहुत से संस्थान इसमें रुचि नहीं ले रहे थे। 34 जिलो में ऑनलाइन उपस्थिति का आंकड़ा 10 प्रतिशत भी नहीं था।
परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों को यूपी बोर्ड के सचिव की ओर से नोटिस भेजा गया। अब स्थिति में सुधार है। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने का आंकड़ा करीब 30 प्रतिशत बढ़ा है। यह बदलाव परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा। ऐसे स्कूल स्वयं को बोर्ड परीखा में केंद्र बनाने के लिए मजबूती से दावेदारी कर सकेंगे।
इसआधार पर दिए जाएंगे स्कूलों को अंक
यूपी बोर्ड ने केंद्र निर्धारण की जो नीति बनाई है, उसमें यदि स्कूल की ओर से विद्यार्थियों, शिक्षकों व कर्मियों की उपस्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर न्यूनतम 180 कार्य दिवस में दर्ज की गई है तो उन्हें 20 अंक मिलेंगे। इसके अतिरिक्त केंद्र बनने के लिए रेटिंग बढ़ाने में विद्यालय के विद्यार्थियों की मेधा भी सहायक है। यदि बोर्ड परीक्षा की राज्य स्तरीय सूची में छात्र-छत्राओं ने स्थान बनाया है तो 20 अंक, यदि जिला स्तर पर विद्यार्थियों ने शीर्ष 10 में जगह बनाई है तो 10 अंक दिए जाएंगे।
इसके अनुपालन से मजबूत होगा परीक्षा केंद्र बनना
इसी क्रम में स्कूल में स्मार्ट क्लास का संचालन हो रहा है तो 10 अंक, पिछले सत्र में इंटरमीडिएट व हाईस्कूल के विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90 से अधिक है तो प्रत्येक के लिए 10 अंक, यदि सभी कक्षाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संचालित हो रही हैं तो भी 10 अंक दिए जाएंगे। इन बिंदुओं के अनुपालन से स्कूल को परीक्षा केंद्र बनने के दावे मजबूत हो जाते हैं।
ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने में रामपुर अव्वल
यूपी बोर्ड के करीब 30 हजार माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षण कर रहे छात्रों के ऑनलाइन उपस्थिति में सुधार हुआ है। इस सूची में सब से ऊपर रामपुर जनपद है। यहां 92 प्रतिशत विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। इसके बाद चित्रकूट में 81 प्रतिशत, महोबा में 80 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 73 और जालौन में 68 प्रतिशत स्कूल व्यवस्था का अनुपालन कर रहे हैं।
कम उपस्थिति वाले जनपदों की समीक्षा शुरू
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि सबसे कम ऑनलाइन उपस्थिति मैनपुरी में 12 प्रतिशत, गोंडा में 13 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 16 प्रतिशत, लखनऊ में 17 प्रतिशत, गोरखपुर में 19 प्रतिशत, प्रयागराज में 35 प्रतिशत और और लखीमपुर खीरी में 38 प्रतिशत है। प्रत्येक सप्ताह 30 प्रतिशत से कम ऑनलाइन उपस्थिति वाले जनपदों की समीक्षा शुरू कर दी गई है।
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