UP Board की मार्कशीट-प्रमाणपत्र में जेंडर बदलवाना है...यहां जानें लिंग परिवर्तन संबंधी आवेदन कैसे करें, क्या है प्रक्रिया?
यूपी बोर्ड ने परीक्षार्थियों के लिंग परिवर्तन संबंधी आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है, जिसमें अब तक कुल 10 ...और पढ़ें

माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयगाराज।
HighLights
आठ आवेदक महिला से बने हैं पुरुष, एक प्रकरण अभी लंबित
नौ लोगों को संशोधित अंकपत्र और प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके
अमलेन्दु त्रिपाठी, जागरण, प्रयागराज। यूपी बोर्ड अब तक परीक्षार्थियों के नाम, पता, जन्मतिथि, पिता, माता या पति के नाम में परिवर्तन के आवेदन आने पर परीक्षण कर नए अंकपत्र या प्रमाणपत्र जारी करता था। अब लिंग परिवर्तन संबंधी आवेदन भी स्वीकार किए जा रहे हैं। प्रदेशभर से अबतक कुल 10 परीक्षार्थियों ने लिंग परिवर्तन के लिए आवेदन किए हैं। इनमें नौ लोगों को संशोधित अंकपत्र और प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं। एक प्रकरण क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी का लंबित है। खास यह कि इस संशोधन में आठ परीक्षार्थी महिला से पुरुष बने हैं।
यूपी बोर्ड में लिंग परिवर्तन पर प्रमाणपत्र पहली बार
वर्ष 1921 में स्थापित यूपी बोर्ड ने पहली बार परीक्षार्थियों को लिंग परिवर्तन अर्थात महिला से पुरुष या पुरुष से महिला के नाम बदल कर प्रमाणपत्र जारी करने की शुरुआत की है। यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के 17 अक्तूबर 2025 के आदेश के बाद उठाया गया है।
पहले डीएम के यहां करना होगा आवेदन
बोर्ड सचिव ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस संबंध में पूर्व में ही निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षण संस्थाओं में ट्रांसजेंडर छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और समावेशी वातावरण सुनिश्चित करने की हिदायत भी दी है। लिंग परिवर्तन के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पहले डीएम के यहां आवेदन करना पड़ता है।
डीएम से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर होगा बदलाव
वहां डीएम के निर्देश पर मेडिकल बोर्ड बैठता है और चिकित्सकीय जांच कर रिपोर्ट देता है। उसके बाद डीएम की ओर से प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। आवेदक को इस संबंध में किसी समाचारपत्र में सूचना भी प्रकाशित करवानी होती है। उसके बाद यूपी बोर्ड में आवेदन किया जाता है, फिर डीएम की ओर से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर बोर्ड आवेदक के प्रमाणपत्र या अंकपत्र में बदलाव करता है। इस संपूर्ण प्रक्रिया के लिए किसी तरह की समय सीमा नहीं निर्धारित है।
क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में सबसे अधिक पांच मामले
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार सब से अधिक पांच मामले क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज में आए हैं। सभी को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का नया अंकपत्र व प्रमाणपत्र जारी हो चुका है। क्षेत्रीय कार्यालय मेरठ व क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में दो-दो और बरेली में एक प्रकरण आया है। गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालय में अब तक इस तरह का कोई आवेदन नहीं मिला है।
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