रेलवे भर्ती परीक्षा में फीस रिफंड नहीं हुई तो परेशान न हों अभ्यर्थी, RRB ने 28 सितंबर तक सुधार का मौका दिया
RRB Exam Fee Refund रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने उन उम्मीदवारों को फीस रिफंड के लिए बैंक विवरण सुधारने का ...और पढ़ें

आरआरबी ने परीक्षा की फीस वापसी को अभ्यर्थियों को अंतिम मौका दिया है।
HighLights
परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को मिलेगा लाभ, बोर्ड ने शुरू की प्रक्रिया
एससी-एसटी, महिला, दिव्यांग, एक्स सर्विसमैन, आर्थिक पिछड़ा वर्ग की रिफंड होगी फीस
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। RRB Exam Fee Refund रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने विभिन्न परीक्षाओं में शामिल हुए उम्मीदवारों के लिए जरूरी खबर है। अगर किसी भर्ती परीक्षा में शुल्क वापसी (फीस रिफंड) प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है तो बोर्ड पुन: उसमें सुधार का मौका दे रहा है।
आरआरबी ने वर्ष 2024 और 2025 की परीक्षाओं (विज्ञापन संख्या 09/2025 को छोड़कर) में शामिल हुए अधिकांश उम्मीदवारों को फीस वापस भेज दी है। हालांकि, कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनका पैसा गलत या अधूरे बैंक खाते की जानकारी अथवा अन्य तकनीकी कारणों से अटक गया था।
ऐसे सभी अभ्यर्थियों को रेलवे ने अपने बैंक विवरण में सुधार करने का एक अंतिम अवसर दिया है। जिन अभ्यर्थियों का लेनदेन विफल रहा है, वे 28 सितंबर की रात 11:55 बजे तक अपना सही बैंक खाता विवरण और आधार से जुड़ा (सीडेड) बैंक खाता अपडेट कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट https://www.rrbapply.gov.in पर लागिन करना होगा।
RRB Exam Fee Refund रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फीस वापसी के लिए सही विवरण देना अनिवार्य है और यह सुधार का अंतिम मौका है। इसके बाद किसी भी पत्राचार या अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा।रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) के नियमों के अनुसार फीस केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वापस (रिफंड) की जाती है जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में उपस्थित हुए हों। जो अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं, उनकी फीस वापस नहीं होती।
रिफंड का नियम इस प्रकार है
एससी/एसटी/महिला/दिव्यांग/एक्स-सर्विसमैन/आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग वर्गों के अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के समय दी गई पूरी फीस (बैंक चार्ज काटकर) रिफंड की जाती है। सामान्य और ओबीसी (पुरुष वर्ग) के लिए आवेदन शुल्क का एक निर्धारित हिस्सा (जैसे 500 में से 400 रुपये बैंक चार्ज काटकर) परीक्षा में शामिल होने के बाद रिफंड किया जाता है। यानी परीक्षा देना अनिवार्य है; गैर-हाजिर रहने वाले उम्मीदवारों को कोई रिफंड नहीं मिलता।
