UP के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट, वरिष्ठता सूची जारी होने में विलंब पर उठ रहे सवाल
उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया में देरी हो रही है। कई जिलों में वरिष्ठता सूची ...और पढ़ें

UP के बेसिक स्कूलों के शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी न होने से उनमें मायूसी है।
HighLights
कई जिलों में विभाग प्राथमिक सूचनाएं एकत्र कर रहा
पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षकों में नाराजगी
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। प्रदेश के बेसिक स्कूलों में तैनात शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया सात नवंबर तक पूरी करने का निर्देश है। सभी जिलों में 23 अक्टूबर तक वरिष्ठता सूची प्रकाशित कर उनपर आपत्ति मांगने और उनके समाधान के लिए भी निर्देश जारी हुआ था। प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़ सहित बहुत से जिलों में अब तक वरिष्ठता सूची नहीं जारी की गई। ऐसे में शिक्षक सशंकित हैं कि प्रोन्नति प्रक्रिया को लटने का प्रयास हो रहा है।
वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया चल रही
बेसिक शिक्षा परिषद के निर्देश के क्रम में अधिकांश जगहों पर विकास खंडवार वरिष्ठता निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है। प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों तथा प्रधानाध्यापकों व जूनियर हाईस्कूल के सहायक अध्यापकों से अलग-अलग निर्धारित प्रारूपों पर उनकी नियुक्ति से जुड़ी विस्तृत सूचनाएं मांगी जा रही हैं।
सात नवंबर तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करनी है
बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी के अनुसार सात नवंबर तक हर हाल में पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करना है। विभागीय कार्यशैली का हाल यह है कि वरिष्ठता सूची तैयार करने में ही कई तरह के पेच फंस रहे हैं। पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने को लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी है। इसे लेकर प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से मिल चुका है।
16 वर्षों बाद भी अब तक कोई पदोन्नति नहीं मिली
प्राथमिक विद्यालयों में 2010 में नियुक्त सहायक अध्यापकों को 16 वर्षों बाद भी अब तक कोई पदोन्नति नहीं मिली है। नियमानुसार पांच वर्ष की सेवा पूरी करने पर पदोन्नति मिल जानी चाहिए थी। समय पर प्रमोशन न मिलने के कारण शिक्षकों को चयन वेतनमान से ही संतोष करना पड़ रहा है।
