UP के उच्चीकृत स्कूलों को शिक्षकों के लिए अभी करना होगा इंतजार, शिक्षक-प्रधानाध्यापक रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी
उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त जूनियर स्कूलों में शिक्षक और प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही ...और पढ़ें

यूपी के सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक भर्ती की तैयारी है।
HighLights
शिक्षा विभाग ने जूनियर सहायता प्राप्त स्कूलों में खाली पदों का विवरण मांगा है
प्रधानाध्यापक के 1500 व सहायक अध्यापक के 300 रिक्त पदों की अब तक सूचना
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। प्रदेश में कुल 3046 जूनियर सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इनमें शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी है। सभी जिलों से खाली पदों का विवरण बेसिक शिक्षा विभाग मंगवा रहा है। करीब 1800 पद रिक्त होने की सूचना अब तक आ चुकी है। इसमें प्रधानाध्यापक के लगभग 1500 और सहायक अध्यापक के 300 पद शामिल हैं।
इन स्कूलों में से 946 उच्चीकृत हो चुके हैं
खास यह कि इन स्कूलों में से 946 उच्चीकृत हो चुके हैं। इनमें शिक्षकों की भर्ती अभी नहीं होगी। जो विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं, उन्हें इंतजार करना होगा। वर्तमान में जो तैयारी चल रही है उसके माध्यम से प्रदेश के 2100 स्कूलों को ही शिक्षक मिल पाएंगे। वजह यह कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल भर्ती अधिनियम 1978 के सातवें संशोधन 2019 के तहत यह भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी जबकि उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूल में शिक्षकों की भर्ती कौन करेगा तय नहीं है।
7 अक्टूबर तक सभी बीएसए निदेशालय में विवरण देंगे
एडी (बेसिक) मनोज द्विवेदी के अनुसार पांच से सात अक्टूबर तक सभी जनपदों के बीएसए बेसिक शिक्षा निदेशालय आएंगे। उन्हें अपने साथ रिक्त पदों का भी लेखा जोखा लाना होगा। उसके अनुसार ही विवरण तैयार कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सभी जूनियर स्कूलों की रिक्तियों की जानकारी शिक्षा सेवा चयन आयोग को दी जाएगी, उसके बाद पदों का विज्ञापन होगा। पहली बार इन पदों पर नियुक्ति शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा। इसके पहले परीक्षा नियामक प्राधिकारी इस परीक्षा को कराते थे। उच्चीकृत विद्यालयों को लेकर अब भी स्थिति साफ नहीं है। माना जा रहा है कि इन स्कूलों में भी करीब इतने ही पद रिक्त हैं।
