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TGT-PGT Bharti : पुरानी नियमावली को लेकर परीक्षा कराने का छात्रों को मिला भरोसा, परीक्षा प्रारूप पर असमंजस बरकरार

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 27 Sep 2026 12:37 PM (IST)

TGT-PGT Bharti टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली को लेकर छात्रों को आश्वासन मिला है, लेकिन परीक्षा के प्रारूप पर स्थिति ...और पढ़ें

टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली से परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र प्रयागराज के डीएम से मिले।

टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली से परीक्षा कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र प्रयागराज के डीएम से मिले।

HighLights

  1. प्रतियोगी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल प्रयागराज के डीएम से मिला

  2. छात्रों ने मांग किया- परीक्षा पुराने प्रारूप के अनुसार कराई जाए

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। TGT-PGT Bharti टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली को लेकर चल रहा छात्रों का समाप्त हो चुका है। हालांकि परीक्षा नए प्रारूप पर होगी या पुराने प्रारूप के अनुसार, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। प्रतियोगी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को जिलाधिकारी (डीएम) से मिला। मांग किया कि परीक्षा पुराने प्रारूप के अनुसार कराई जाए।

छात्रों ने कहा- डीएम ने भरोसा दिया है

प्रतियोगी छात्रों ने बताया कि जिलाधिकारी ने पुरानी नियमावली को बहाल किए जाने का भरोसा दिया है लेकिन परीक्षा के प्रारूप पर कुछ कहने में असमर्थ रहे। छात्र नेता आशुतोष पांडेय ने कहा, पुरानी नियमावली और पुराना परीक्षा पैटर्न हमारी मूल मांग है। सिर्फ नियमावली बहाली पर्याप्त नहीं है। दोनों मांगों को पूरा किया जाना आवश्यक है। परीक्षा प्रारूप में दलाव का सीधा प्रभाव अभ्यर्थियों की तैयारी और उनके अवसरों पर पड़ता है।

पुन: आंदोलन की चेतावनी दी 

TGT-PGT Bharti उन्होंने सचेत किया कि पुराने प्रारूप पर परीक्षा के संदर्भ में शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो छात्र पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर शिक्षा सेवा चयन आयोग का घेराव करेंगे।

बीएड छात्र बोले- यूपी में दोहरा मापदंड क्यों?

उधर, अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता की भर्ती के विज्ञापन के बाद प्रतियोगी छात्रों ने बैठक की। इस भर्ती में बीएड न हटाने की मांग की गई। बीएड किए छात्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में दोहरा मापदंड क्यों। हाल ही में जीआईसी प्रवक्ता की भर्ती हुई, उसमें बीएड की अनिवार्यता थी। अब यदि प्रवक्ता की भर्ती में बीएड हटाया गया तो प्रतियोगियों का बड़ा आंदोलन होगा। बैठक शीतला प्रसाद ओझा, प्रभात सिंह, सुशील पांडेय, ममता यादव, संदीप यादव, विनोद चौरसिया आदि मौजूद रहे।

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