TGT हिंदी के अभ्यर्थी कोर्ट से जीत गए फिर भी कॉलेज आवंटन नहीं, 557 छात्र प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार में
TGT हिंदी के 557 अभ्यर्थी कोर्ट से जीत के बावजूद कॉलेज आवंटन का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनकी नियुक्ति ...और पढ़ें

TGT हिंदी के 557 अभ्यर्थियों को कॉलेज आवंटन नहीं हुआ।
HighLights
टीजीटी (हिंदी) पुरुष और महिला वर्ग की चयन प्रक्रिया लटकी
प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र का सत्यापन पूर्ण है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। टीजीटी (हिंदी), बालक व बालिका वर्ग की विज्ञापन संख्या 01/2022 के तहत चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र का सत्यापन पूर्ण हो चुका है। हालांकि अभी कालेज आवंटन नहीं हुआ। नियुक्ति प्रक्रिया अधर में है। इन अभ्यर्थियों का उत्तर कुंजी से संबंधित प्रकरण उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ और इलाहाबाद मुख्य पीठ में लंबित था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने छह अक्टूबर को आदेश पारित कर दिया फिर भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन आयोग को संशोधित परिणाम जारी करते हुए कालेज एलाटमेंट शीघ्र करना चाहिए। कुल 557 अभ्यर्थी प्रक्रिया पूरी होने के इंतजार में हैं।
बालक वर्ग में कुल 509 सीटें थीं। इनमें सामान्य वर्ग के 294, ओबीसी के 125, एससी के 89 और एसटी के एक अभ्यर्थी और बालिका वर्ग में 48 सीट है, इसमें सामान्य के 33, ओबीसी के 13, एससी के दो अभ्यर्थी के नतीजे अटके हैं। अभ्यर्थियों ने गुरुवार को शिक्षा सेवा चयन आयोग को घेरने की रणनीति बनाई है।
उनका कहना है कि न्यायालय के संबंधित आदेशों के अनुपालन तथा लागू नियमों के अधीन आयोग चयन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करे। हिंदी और अंग्रेजी को छोड़कर अन्य विषयों के चयनित अभ्यर्थियों को कालेज आवंटित हो चुके हैं। अंग्रेजी के अभ्यर्थियों का प्रकरण अभी न्यायालय में लंबित है।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि विलंब होने पर कार्यभार ग्रहण की तिथि, वरिष्ठता, वेतन निर्धारण, सेवा अवधि व अन्य परिणामी सेवा लाभों में असमानता हो सकती है। जब सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी गई हैं तो विलंब केलिए उन्हें उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। आयोग के स्तर पर हुई देरी से संभावित वेतन, भत्तों एवं अन्य सेवा लाभों की हानि हो रही है।
नहीं मिला पुरानी नियमावली से मौका
टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार अभ्यर्थियों को एक अवसर देने का भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया था। अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि न तो अभी कोई आधिकारिक शासनादेश जारी हुआ और न स्पष्ट निर्देश आया है। छात्रों का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय ने कहा, छात्र अपनी बात किसके सामने रखें? उन्हें मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीद थी। चेतावनी दी कि जल्द यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो प्रतियोगी छात्र मुख्यमंत्री के सामने विरोध दर्ज कराएंगे।
