SRN अस्पताल के 700 आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर, वेतन नहीं मिलने से नाराज; अस्पताल परिसर में फैली गंदगी
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में 700 आउटसोर्स कर्मचारी वेतन न मिलने और ईपीएफ जमा न होने से हड़ताल पर चले ...और पढ़ें

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में विरोध-प्रदर्शन् करते आउटसोर्स सफाईकर्मी। जागरण
HighLights
कर्मियों का आरोप- दो महीने का वेतन नहीं मिला व नौ माह से ईपीएफ जमा नहीं किया जा रहा
चिकित्साधिकारियों से वार्ता विफल रही, अस्पताल की सफाई व्यवस्था नियमित कर्मियों ने संभाली
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित करीब 700 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार को काम ठप कर दिया। इनका आरोप है कि दो महीने का वेतन नहीं दिया गया है, नौ महीने से ईपीएफ जमा नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों ने काम नहीं किया तो अस्पताल में व्यवस्था चरमराने लगी है।
सफाई कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया
वार्डों से लेकर ओपीडी कक्ष के आसपास गंदगी के ढेर पड़े रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। अस्पताल में सफाई व्यवस्था नियमित कर्मचारियों ने संभाली। चिकित्साधिकारियों के द्वारा की गई वार्ता विफल रही।
अस्पताल के अधिकांश कर्मी आउटसोर्स पर
मंडल के सबसे बड़े और सुविधाजनक एसआरएन अस्पताल में ज्यादातर कर्मचारी आउटसोर्स पर हैं। सफाई कर्मचारी, वार्ड ब्वाय, नर्स और विभिन्न अन्य सेवाओं में कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्स पर है। दो एजेंसियों की ओर से कर्मचारियों की भर्ती कर तैनाती की गई है। इनमें सफाई कर्मियों की संख्या लगभग 700 है।
ओटी, वार्ड, शौचालय व ओपीडी में फैली गंदगी
यही वार्ड, आपरेशन थियेटर, शौचालय, ओपीडी कक्ष और अन्य स्थानों पर सफाई करते हैं। सैकड़ों कर्मचारियों ने बुधवार पांच नवंबर से ही काम ठप कर रखा है। कर्मचारियों का कहना है कि दो महीने से वेतन नहीं दिया गया है और काम बराबर लिया जा रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अस्पताल में सफाई आज गुरुवार की सुबह से ही नहीं हुई। वार्डों में झाडृू नहीं लगाई गई। वहीं आईसीयू, आपरेशन थियेटर, पीएमएसएसवाई भवन, ओपीडी कक्ष और ट्रामा सेंटर में भी स्थिति बदहाल रही।
दुर्गंध से परेशान हो गए मरीज
अस्पताल में भर्ती मरीज दुर्गंध से परेशान रहे। वार्ड, आपरेशन थियेटर से निकलने वाली गंदगी, सर्जिकल वेस्ट जगह-जगह पड़े रहे। कूड़ेदान के बाहर भी कूड़ा बिखरा रहा। मरीज और तीमारदार कर्मचारियों को ढृंढते रहे कि बेड के पास सफाई करा लें।
अपने-अपने दावे, किसकी बात सही?
कर्मचारियों ने पहले तो चिकित्साधिकारियों से बात की, इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। दोनों ही स्थानों पर अपनी परेशानी बताई लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ और नहीं मिला। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डा. नीलम सिंह का कहना है कि अधिकांश कर्मचारियों को वेतन भुगतान कराया जा रहा है, उधर सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिला।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।