युवती के गर्भाशय से निकाली 13 गांठें, संकट में थी जान; SRN अस्पताल के डॉक्टरों ने किया सफल ऑपरेशन
प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में डॉक्टरों ने 25 वर्षीय युवती के गर्भाशय से 13 फाइब्रॉएड सफलतापूर्वक निकाले, जिससे उसकी जान ...और पढ़ें

प्रयागराज में युवती के गर्भाशय से डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन करके निकाली गई गांठें। सौ. अस्पताल
HighLights
प्रयागराज के मंडलीय अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने किया ऑपरेशन
एक साथ इतनी अधिक संख्या में फाइब्राएड निकालना चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने 25 वर्षीय अविवाहित युवती के गर्भाशय का आपरेशन किया तो 13 फाइब्राएड (बच्चेदानी की गांठें) निकलीं। युवती की हालत ठीक है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शक्ति जैन और उनकी टीम में शामिल डॉ. वंदना ओझा, डॉ. दीपशिखा, डॉ. प्रियंका चौधरी ने सफल ऑपरेशन किया।
काफी समय से मरीज को परेशानी थी
गर्भाशय में अनेक छोटी-बड़ी गांठों के कारण युवती काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रही थी। आवश्यक जांच कराई गई तो गांठों का पता चला। डॉक्टरों ने 13 गांठें निकालीं। एक साथ इतनी अधिक संख्या में फाइब्राएड निकालना चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण था। आपरेशन के बाद युवती की स्थिति संतोषजनक बताई गई है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉ. शक्ति जैन ने बताया कि गर्भाशय को सुरक्षित रखते हुए सभी गांठों को निकालना चुनौतीपूर्ण था। गर्भाशय सुरक्षित रहने से भविष्य में उसकी प्रजनन संभावनाओं को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
क्या है गर्भाशय के फाइब्राएड व लक्षण?
गर्भाशय की गांठों को चिकित्सकीय भाषा में यूटेराइन फाइब्राएड कहा जाता है। ये सामान्यतः गर्भाशय की मांसपेशियों से बनने वाली कैंसर-रहित गांठें होती हैं। इनका आकार बहुत छोटा होने से लेकर काफी बड़ा हो सकता है। किसी महिला के गर्भाशय में एक या एक साथ कई फाइब्राएड हो सकते हैं। इसके कारण मासिक धर्म में अत्यधिक या लंबे समय तक रक्तस्राव, पेट के निचले हिस्से में दर्द एवं भारीपन, पेट का आकार बढ़ना, बार-बार पेशाब लगना, कब्ज, कमर दर्द, खून की कमी, कमजोरी तथा गर्भधारण में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि कई महिलाओं में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते और सामान्य जांच या अल्ट्रासाउंड के दौरान इसका पता चलता है।
डॉक्टर का परामर्श अवश्य लें
डॉ. शक्ति जैन का कहना है कि मासिक धर्म में अत्यधिक रक्तस्राव, लगातार पेट दर्द, पेट का असामान्य रूप से बढ़ना, अत्यधिक कमजोरी अथवा गर्भधारण में परेशानी होने पर महिलाओं को स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से गंभीर एनीमिया एवं अन्य जटिलताओं से बचा जा सकता है।
