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नोटबंदी के बाद पहली बार रविवार को खुले बैंक, 28 सितंबर से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे बैंककर्मी

By Rajendra Yadav Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 27 Sep 2026 07:14 PM (IST)

बैंककर्मी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे, जिसके चलते रविवार को नोटबंदी के बाद पहली बार ...और पढ़ें

बैंक आफ बड़ौदा शाखा कीडगंज शाखा में काला कपड़ा पहनकर सांकेतिक विरोध जताते बैंककर्मी व ग्राहकों की भीड़। सौजन्य : संगठन

बैंक आफ बड़ौदा शाखा कीडगंज शाखा में काला कपड़ा पहनकर सांकेतिक विरोध जताते बैंककर्मी व ग्राहकों की भीड़। सौजन्य : संगठन

HighLights

  1. काला कपड़ा पहनकर पहुंचे बैंककर्मी, जताया सांकेतिक विरोध

  2. पूर्व संध्या पर बैठक कर हड़ताल की सफलता को बनाई रणनीति

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नोटबंदी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब रविवार को बैंक खुले रहे। बैंककर्मियों की उपस्थिति भी शत-प्रतिशत रही, लेकिन अधिकांश काले कपड़े में नजर आए। एक तौर पर अपनी मांगों को लेकर वह सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे थे। ग्राहक भी बड़ी संख्या में अपने कामकाज के सिलसिले में बैंकों में पहुंचे। वहीं, शाम को यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक कर सोमवार से होने वाली तीन दिवसीय हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई।

मांगों को लेकर कल से बैंककर्मी 3 दिन दिन हड़ताल पर

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर पांच दिवसीय बैंकिंग कार्य समेत अन्य मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के दौरान किसी प्रकार का कामकाज नहीं होगा। इसी के मद्देनजर रविवार को बैंकों के ताले खुले। ऐसा इसलिए किया गया ताकि तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वह रविवार को ही बैंकों से जुड़े कार्य निपटा लें।

बैंकों में रविवार को उमड़ी भीड़

रविवार को बैंक खुलने का असर भी देखने को मिला। सुबह से ही बैंकों में आम दिनों की तुलना में भीड़ अधिक नजर आई। वजह यह भी थी कि रविवार को अवकाश पर लोग घरों में थे और बैंक संबंधित कार्य को निपटाने के लिए वह पहुंच गए थे। इधर शाम को यूनियन के नेता मदनजी उपाध्याय, मणींद्र शुक्ल, सौरभ सिंह, शिवम श्रीवास्तव समेत अन्य ने जगह-जगह बैठकें कीं। हड़ताल की सफलता को लेकर पूरी रूपरेखा तैयार की गई।

इस सप्ताह सिर्फ दो दिन होगा बैंकों में काम

बैंक कर्मियों की हड़ताल और अवकाश के कारण इस सप्ताह सिर्फ दो दिन ही बैंक खुलेंगे। पांच दिन कामकाज प्रभावित रहेगा। इससे खाताधारकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। पांच दिवसीय बैंकिंग और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अधिकारी और कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल के बाद गुरुवार को बैंक खुलेंगे। अगले दिन शुक्रवार को गांधी जयंती का अवकाश है। इसके बाद शनिवार को बैंक खुलेंगे और अगले दिन रविवार का अवकाश है। इस तरह ग्राहकों को इस सप्ताह सिर्फ दो दिन ही बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलेगा।

नहीं खुलेगा नया खाता, बिलों का भुगतान अटकेगा

बैंकों में हड़ताल के कारण करोड़ों का लेन-देन तो प्रभावित होगा ही नया खाता भी नहीं खुलेगा। आरटीजीएस, नेफ्ट और चेक क्लीयर नहीं होगा। ई-केवाईसी, ऋण संबंधी कार्य व बिलों का भुगतान अटकेगा। यही नहीं, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के लिए बैंकों द्वारा कंपनियों को किया जाने वाला अग्रिम भुगतान भी नहीं हो सकेगा। हालांकि, पेट्रोल पंप व गैस एजेंसियों से जुड़े अधिकांश संचालकों ने पहले से ही भुगतान कर रखा है। जरूरत पड़ने पर क्रेडिट से रसोई गैस व डीजल-पेट्रोल लिया जाएगा।

एटीएम हुए खाली तो नकदी का गहराएगा संकट

तीन दिवसीय हड़ताल पर एटीएम मशीन में नकदी का होना बेहद जरूरी है। अगर एटीएम खाली हुए तो निश्चित तौर पर बाजार में नकदी का एक बड़ा संकट गहराएगा। इससे व्यापार के साथ ही आम व्यक्ति को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

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