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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खालिस्तानी आतंकी के जेब में मिली पर्ची ने खोले अधिवक्ता समेत कई के नाम, रडार पर हैं लजर के संपर्क में रहने वाले शख्स

Published: Fri, 07 Mar 2025 07:35 AM (IST)

खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह एक अधिवक्ता समेत कई लोगों के संपर्क में था। गिरफ्तारी के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ ...और पढ़ें

कौशांबी से ग‍िरफ्तार हुआ खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह।
कौशांबी से ग‍िरफ्तार हुआ खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह।

HighLights

  1. एक अधिवक्ता समेत कई लोगों के संपर्क में था आतंकी लजर मसीह
  2. लखनऊ के होटल में भी कई दिनों तक ठहरा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिव्य और भव्य महाकुंभ में बड़ा हमला करने की फिराक में रहने वाले खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह एक अधिवक्ता समेत कई लोगों के संपर्क में था। गिरफ्तारी के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ की टीम ने उसकी जेब से एक पर्ची बरामद की। पर्ची में अंग्रेजी में एडवोकेट कुशाल बहुथा, प्रीत यूरोप, काका और प्रीत वाय का नाम व मोबाइल अंकित था।

इसके अलावा आतंकी के पास से पापुलर ट्रेवेल्स के बस का टिकट, होटल मेजबान लखनऊ का कार्ड, निजाम टूर एंड ट्रेवेल्स चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट कानपुर रोड का कार्ड भी पाया गया। इस आधार पर एसटीएफ अधिकारी मान रहे हैं कि आतंकी लजर अधिवक्ता समेत कई लोगों के संपर्क में था। पर्ची में जिनके-जिनके नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं, उनके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

लखनऊ के होटल में भी कई दिनों तक ठहरा

एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी आतंकी लजर से कोखराज थाने में जब पूछताछ शुरू की गई तो उसने पहले गुमराह करने का प्रयास किया। इसके बाद किसी सवाल का सीधे जवाब न देकर टालमटोल करता। मगर कड़ाई से पूछताछ में उसने लखनऊ स्थित एक होटल में ठहरने और कुछ स्थानीय मददगारों से संपर्क किए जाने की बात स्वीकार की है।

रडार पर हैं लजर के संपर्क में रहने वाले शख्स

शुरुआती छानबीन में यह तथ्य भी सामने आया है कि आतंकी के संपर्क में दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद सहित कई अन्य शहर में रहने वाले कुछ लोग उससे जुड़े हुए थे। वह अलग-अलग बहाने से बात करते हुए जरूरी मदद मांगता था। फिलहाल एटीएफ के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों की टीम आतंकी लजर के स्थानीय मददगारों से लेकर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पता लगा रही है।

करीबि‍यों, सहयोग‍ियों पर शि‍कंजा कसने की तैयारी

मोबाइल और पर्ची में मिले नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) भी निकलवाई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि महाकुंभ में हमले की साजिश में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। सीडीआर आने के बाद आतंकी के नेटवर्क में रहने वाले करीबियों, सहयोगियों पर भी कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है।

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