शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकों-किराएदारों को राहत की खबर, एक करोड़ रुपये से कम की प्रॉपर्टी नीलामी में मिलेगी वरीयता
प्रयागराज में एक करोड़ रुपये से कम कीमत वाली शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकों और किराएदारों को नीलामी में पहली वरीयता ...और पढ़ें

शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकों को नीलामी में पहली वरीयता मिलेगी।
HighLights
संगम नगरी में शत्रु संपत्तियों पर हुए हैं ढाई हजार से ज्यादा मकानों व दुकानों के निर्माण
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित शत्रु संपत्ति निपटान समिति तय करेगी इन संपत्तियों की दरें
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकों अथवा किराएदारों के लिए राहत की खबर है। एक करोड़ रुपये से कम कीमत वाली शत्रु संपत्तियों की नीलामी में कब्जाधारकों अथवा किराएदारों को पहली वरीयता दी जाएगी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शत्रु संपत्तियों को आमजन के लिए नीलाम करने से पहले वहां रह रहे व्यक्ति या किराएदार को उसे खरीदने का पहला प्रस्ताव दिया जाता है।
नीलामी को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तेजी से कदम बढ़ाए
प्रयागराज में 187 शत्रु संपत्तियां चिह्नित की जा चुकी है। कुछ अन्य संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन्हें शत्रु संपत्ति घोषित किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन संपत्तियों की नीलामी के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। करछना की छह शत्रु संपत्तियां नीलाम की जा चुकी हैं। सदर, फूलपुर, सोरांव की 28 शत्रु संपत्तियों की नीलामी की कार्यवाही शुरू होगी।
खास-खास
- 187 शत्रु संपत्तियां अब तक जनपद में की जा चुकी हैं चिन्हित, कुछ और की पहचान जल्द ही
- 6 शत्रु संपत्तियां अब तक की जा चुकी हैं नीलाम, 28 अन्य की शीघ्र शुरू होगी नीलामी प्रक्रिया।
ये शर्तें भी जान लें
एक करोड़ रुपये से कम कीमत की शत्रु संपत्तियों को मौजूदा कब्जाधारकों को सबसे पहले बेचने की जिम्मेदारी शत्रु संपत्ति के संरक्षक यानी कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रापर्टी फार इंडिया (सीईपीआइ) को दी गई है। यदि वर्तमान कब्जाधारक सरकार द्वारा तय मूल्य पर शत्रु संपत्ति को खरीदने से मना करता है, तभी उस संपत्ति को ई-आक्शन पोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक ई-नीलामी के लिए डाला जाएगा।
संपत्ति की बिक्री की दरें कौन तय करेगा?
संपत्ति की बिक्री की दरें केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित 'शत्रु संपत्ति निपटान समिति' द्वारा तय की जाएगी। समिति के मूल्य निर्धारण पर शत्रु नीलाम की जाएगी। जिले में शत्रु संपत्तियों पर एक करोड़ से कम कीमत की 4850 से दुकानें और 1930 मकान बने हैं। कई शत्रु संपत्तियों पर आलीशान मकान, दुकान, माल, मदरसा, स्कूल-कालेज तक बना दिए गए हैं। इन संपत्तियों की कीमत लगभग 3000 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एक करोड़ रुपये से कम कीमत वाली शत्रु संपत्तियों के कब्जाधारकों को खरीदने के लिए प्रस्ताव देने के आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले हैं। शीघ्र ही कब्जाधारकों को नोटिस भेजकर उन्हें यह प्रस्ताव दिया जाएगा।
- लालता प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी।
