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रक्षाबंधन पर दिल्ली और मुंबई रूट की 18 ट्रेनों में ‘नो रूम’, 27 अगस्त तक कंफर्म सीट नहीं; स्पेशल ट्रेनों पर टिकी निगाहें

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 24 Aug 2026 01:42 PM (IST)

रक्षाबंधन के कारण दिल्ली और मुंबई रूट की 18 ट्रेनों में 27 अगस्त तक 'नो रूम' है, जिससे कंफर्म सीट ...और पढ़ें

रक्षाबंधन पर दिल्ली और मुंबई रूट की ट्रेनों में 27 अगस्त तक सीट मिलना मुश्किल है।

रक्षाबंधन पर दिल्ली और मुंबई रूट की ट्रेनों में 27 अगस्त तक सीट मिलना मुश्किल है।

HighLights

  1. इन रूटों की ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का टिकट भी जारी नहीं हो रहा 

  2. रक्षाबंधन के आसपास की तिथियों पर परदेसियों की राह मुश्किल

  3. ऑनलाइन वेटिंग टिकट रद होने से बढ़ गई है यात्रियों की समस्या

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ने लगी है। त्योहार पर घर पहुंचने की चाहत रखने वाले लोगों की राह इस बार बेहद कठिन नजर आ रही है। विशेषकर दिल्ली और मुंबई रूट की ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। स्थिति यह हो गई है कि 27 अगस्त तक इस रूट की प्रमुख ट्रेनों में ‘नो रूम’ यानी ‘रिग्रेट’ की स्थिति बन चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट का टिकट भी जारी नहीं किया जा रहा है।

दिल्ली रूट पर सर्वाधिक दबाव, 18 ट्रेनें पूरी तरह पैक

रक्षाबंधन के आसपास की तिथियों में सर्वाधिक भीड़ दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-प्रयागराज रूट पर देखने को मिल रही है। दिल्ली से चलने वाली 18 महत्वपूर्ण ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक की सभी सीटें भर चुकी हैं।

दिल्ली रूट की इन ट्रेनों में सीट नहीं: वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, नंदन कानन एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, मधुपुर हमसफर, झारखंड एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, दादरी-प्रयागराज एक्सप्रेस, बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस और दिल्ली-सिलचर एक्सप्रेस।

मुंबई रूट की प्रमुख ट्रेनें फुल: कोलकाता मेल, छपरा एक्सप्रेस, पाटलिपुत्र एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस और एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग के बाद बुकिंग बंद हो चुकी है।

वेटिंग टिकट के नए नियमों से यात्रियों की बढ़ी उलझन

रेलवे द्वारा वेटिंग टिकट को लेकर लागू नियमों ने आम यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है। यदि चार्ट बनने तक आनलाइन बुक किया गया वेटिंग टिकट कंफर्म नहीं होता, तो वह स्वतः रद्द हो जाएगा और यात्री उस पर यात्रा नहीं कर सकेंगे। टिकट खिड़की से लिया गया वेटिंग टिकट खुद रद्द नहीं होता। यात्री को अपनी यात्रा रद्द करने की स्थिति में रिफंड लेने के लिए खुद रेलवे स्टेशन की खिड़की पर जाकर टिकट कैंसिल कराना होगा। इस व्यवस्था के कारण वे यात्री बेहद असमंजस में हैं, जिन्होंने महीनों पहले वेटिंग टिकट लेकर घर जाने की आस लगाई थी।

लंबी दूरी की ट्रेनों में पूरे अगस्त यही हाल

ट्रेनों में पूरे अगस्त महीने तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है। रक्षाबंधन के ठीक पहले घर जाने और त्योहार बीतते ही कार्यस्थल पर लौटने वालों की भारी भीड़ के चलते दोनों तरफ का आरक्षण पूरी तरह फुल है। नियमित ट्रेनों में सीटें न मिलने से मायूस यात्रियों की आखिरी उम्मीद अब रेलवे की ओर से चलाई जाने वाली 'रक्षाबंधन स्पेशल ट्रेनों' पर टिकी है। यदि आप भी रक्षाबंधन पर घर जाने की योजना बना रहे हैं, तो तत्काल कोटे के समय पर नजर रखें या रेलवे द्वारा घोषित की जा रही क्लोन व स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त फेरों में तुरंत टिकट बुक करें।

त्योहारों के दौरान यात्रियों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है। यात्रियों की सुविधा और भीड़ के दबाव को कम करने के लिए रेलवे लगातार विशेष (फेस्टिवल स्पेशल) ट्रेनों की घोषणा और संचालन कर रहा है। यात्री नियमित ट्रेनों के बजाय इन स्पेशल ट्रेनों में आरक्षण करा सकते हैं।
- डॉ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ।

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