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रेलवे बोर्ड का बड़ा तोहफा, वंदे भारत समेत 155 ट्रेनों के लोको पायलट और गार्ड को मिलेगा 'हाई-स्पीड' भत्ता

Published: Fri, 22 May 2026 09:04 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत सहित 155 ट्रेनों को हाई-स्पीड श्रेणी में शामिल किया है। इससे हजारों लोको पायलट और गार्ड के भत्तों में वृद्धि होगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे ने पटरियों पर बढ़ती रफ़्तार के साथ-साथ उसे मुमकिन बनाने वाले 'रनिंग स्टाफ' को बड़ा प्रोत्साहन दिया है। रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत समेत देश की 155 प्रमुख ट्रेनों को आधिकारिक तौर पर 'हाई-स्पीड' श्रेणी में शामिल कर लिया है।

इस निर्णय से इन ट्रेनों का संचालन करने वाले हजारों लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों (गार्ड) के भत्तों में पांच से 10 हजार रुपये तक की वृद्धि का रास्ता साफ़ हो गया है।

ये ट्रेनें हैं शामिल

अभी तक वंदे भारत और कई अन्य अत्याधुनिक ट्रेनें पटरियों पर दौड़ तो रही थीं, लेकिन तकनीकी रूप से 'हाई-स्पीड' सूची में शामिल न होने के कारण उनके स्टाफ को विशेष भत्ते का लाभ नहीं मिल पा रहा था। रेलवे बोर्ड ने 21 मई को 155 हाई स्पीड ट्रेनों की सूची जारी की है।

इसमें वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, तेजस के साथ-साथ प्रयागराज एक्सप्रेस, महाबोधि, शिवगंगा और श्रमशक्ति जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों को भी जगह दी गई है। अब इन ट्रेनों के चालक दल को विशेष 'हाई-स्पीड' दर से माइलेज भत्ता दिया जाएगा। वर्तमान में महंगाई भत्ता (डीए) 50 प्रतिशत पार होने के बाद माइलेज की दरें 25 प्रतिशत बढ़ गई हैं।

इतना होगा हाई स्पीड भत्ता

लोको पायलट के लिए अब प्रति सौ किलोमीटर पर 121 रुपये तक की वृद्धि निर्धारित की गई है। अब लोको पायलट के लिए प्रति 100 किलोमीटर की दर 485 से बढ़कर 606 और गार्ड के लिए 439 से बढ़कर 549 हो गई है।

चूंकि हाई-स्पीड ट्रेनें कम समय में अधिक दूरी तय करती हैं, इसलिए स्टाफ के 'पेड किलोमीटर' बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें प्रति ट्रिप मिलने वाला विशेष बोनस भी अब बढ़ी हुई दरों से मिलेगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, माइलेज दरों में बदलाव और ट्रिप एलाउंस से रनिंग स्टाफ के मासिक वेतन में 5,000 से 10,000 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि 130 से 160 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार पर ट्रेन चलाना उच्च मानसिक दबाव और एकाग्रता का काम है। यह भत्ता इसी विशेष कार्यक्षमता का सम्मान है।

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