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अब बिना एग्जाम दिए ट्रैक मेंटेनर बनेंगे जूनियर इंजीनियर, रेलवे बोर्ड ने प्रमोशन प्रोसेस में किया बड़ा बदलाव

Published: Fri, 22 May 2026 08:24 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने ट्रैक मेंटेनरों को बिना परीक्षा दिए जूनियर इंजीनियर (पाथवे) के पद पर पदोन्नति देने की मंजूरी दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने वाले ट्रैक मेंटेनर अब बिना परीक्षा दिए जूनियर इंजीनियर (पाथवे) के पद पर पदोन्नति पा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने इसके लिए डिपार्टमेंटल प्रमोशन कोटा (डीपीक्यू) को मंजूरी दे दी है।

नई व्यवस्था के तहत रेलवे की हर भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें वरिष्ठता और एपीएआर (एनुअल परफार्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट) के आधार पर भरी जाएंगी। रेलवे बोर्ड के उपनिदेशक संजय कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

रेलवे में ट्रैक मेंटेनर (पूर्व में गैंगमैन/ट्रैकमैन) को पदोन्नति के बाद जूनियर इंजीनियर (पाथवे) की जिम्मेदारी मिलती है। सुपरवाइजर रैंक के इस पद पर पहुंचते ही वेतन ग्रेड भी ट्रैक मेंटेनर के अधिकतम ग्रेड पे 2800 रुपये से बढ़कर 4200 रुपये हो जाएगा।

क्या है नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार कुल रिक्तियों में 60 प्रतिशत भर्ती रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) के जरिये होगी। 20 प्रतिशत सीटें उन कर्मचारियों को मिलेंगी, जो दो साल की सेवा पूरी करने के बाद विभागीय परीक्षा देकर पदोन्नति पाना चाहते हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत सीटें वरिष्ठता और बेहतर वार्षिक कार्य प्रदर्शन के आधार पर ट्रैक मेंटेनरों को मिलेंगी।

इससे उन कर्मचारियों को भी पदोन्नति का अवसर मिलेगा, जो परीक्षा नहीं देना चाहते या नहीं दे पाते। ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन (एआईआरएफ) की वर्किंग कमेटी के सदस्य एनबी सिंह ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से इस व्यवस्था की मांग कर रहे थे। फेडरेशन के पदाधिकारी शिवगोपाल मिश्र के प्रयास से इसे लागू कराया जा सका।

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