रेलवे का नया नियम: अब काउंटर से आरक्षित टिकट लेने पर 45 पैसे में पाएं 10 लाख का यात्रा बीमा, करोड़ों रेलयात्रियों को राहत
भारतीय रेलवे ने आरक्षण काउंटरों से टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए 45 पैसे में 10 लाख रुपये तक का ...और पढ़ें

रेलवे काउंटर से आरक्षित टिकट खरीदने पर 45 पैसे में यात्री 10 लाख तक का यात्रा बीमा होगा।
HighLights
27 अक्टूबर से लागू होगी देश भर में नई व्यवस्था
24 अक्टूबर को रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेल के आरक्षण काउंटरों (पीआरएस) से आरक्षित टिकट बुक कराने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब स्टेशन काउंटर से टिकट लेने पर भी यात्रियों को ऐच्छिक यात्रा बीमा (ट्रैवल इंश्योरेंस) की सुविधा मिलेगी। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (यात्री विपणन) शिवेंद्र शुक्ला द्वारा 24 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आदेश के तहत यह नई व्यवस्था 27 अक्टूबर 2026 से देश भर के सभी जोनल रेलवे में प्रभावी कर दी जाएगी।
अभी तक इन यात्रियों को मिलती थी बीमा सुविधा
रेलवे में अब तक वैकल्पिक यात्रा बीमा (आप्शनल ट्रैवल इंश्योरेंस स्कीम) की सुविधा केवल उन्हीं यात्रियों को मिलती थी, जो आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल एप के जरिए ऑनलाइन ई-टिकट बुक कराते थे। आरक्षण खिड़की यानी पीआरएस काउंटर पर जाकर फार्म भरकर टिकट लेने वाले यात्रियों के लिए ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते काउंटर से टिकट खरीदने वाला एक बड़ा वर्ग यात्रा के दौरान किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में इस सुरक्षा कवच से वंचित रहता था।
रेलवे बोर्ड ने नियमों में किया अहम बदलाव
सुप्रीम कोर्ट द्वारा छह अक्टूबर 2026 को ''यूनियन आफ इंडिया बनाम राधा यादव'' मामले में दिए गए निर्देश का अनुपालन करते हुए रेलवे बोर्ड ने नियमों में यह अहम बदलाव किया है। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (यात्री विपणन) शिवेंद्र शुक्ला के अनुसार 24 अक्टूबर को सभी जोनल रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधकों (पीसीसीएम) को पत्र जारी कर दिया गया है कि 27 अक्टूबर से आरक्षण खिड़की पर भी यात्रियों को यह विकल्प दिया जाए।
बीमा को ये शर्तें करनी होगी पूरी
काउंटर पर बीमा का लाभ लेने के लिए दो शर्तें पूरी करनी अनिवार्य होंगी- पहली, यात्री को अपना वैध मोबाइल नंबर दर्ज कराना होगा और दूसरी, टिकट व प्रीमियम का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम (जैसे यूपीआई, क्यूआर कोड, कार्ड आदि) से करना होगा। नकद भुगतान करने वाले यात्रियों को यह बीमा सुविधा नहीं मिल सकेगी।
कितना प्रीमियम और क्या मिलेंगे लाभ
यह बीमा पूरी तरह से ऐच्छिक (वैकल्पिक) है और इसके नियम व शर्तें आनलाइन ई-टिकट जैसी ही रहेंगी। महज 45 पैसे प्रति यात्री के प्रीमियम पर यात्रा के दौरान रेल दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा कंपनी की ओर से मृत्यु या पूर्ण स्थाई दिव्यांगता पर 10 लाख रुपये का कवर मिलता है। वहीं स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर अधिकतम 7.5 लाख रुपये और अस्पताल में इलाज के खर्च के लिए दो लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। पार्थिव शरीर के परिवहन के लिए भी 10 हजार रुपये दिए जाते हैं।
मोबाइल पर आएगा पालिसी का ब्योरा
रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) और आईआरसीटीसी ने आरक्षण प्रणाली में आवश्यक तकनीकी बदलाव पूरे कर लिए हैं। काउंटर कर्मी यात्रियों से बीमा का विकल्प पूछेंगे और सहमति मिलने पर विवरण दर्ज करेंगे। टिकट बुक होते ही बीमा पालिसी का पूरा विवरण और नामिनी दर्ज करने का लिंक यात्री के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजा जाएगा।
