शराब पीकर ड्यूटी करने वाले रेलकर्मियों पर नकेल, रेल फाटकों पर तैनात गेटमैन की आज रात से होगी औचक जांच
रेलवे बोर्ड ने ड्यूटी पर शराब पीने वाले कर्मचारियों, खासकर गेटमैन पर लगाम कसने के लिए 15 दिवसीय विशेष संरक्षा ...और पढ़ें

रेलवे फाटकों पर तैनात लेवल क्रॉसिंग गेटमैन पर नकेल कसने के लिए 15 दिनों का विशेष संरक्षा अभियान आज से शुरू होगा।
HighLights
ट्रेन हादसों पर लगेगी लगाम, रेलवे बोर्ड ने शुरू किया 15 दिवसीय विशेष संरक्षा अभियान
उत्तर मध्य रेलवे समेत देश भर के सभी जोन में आज रात से शुरू होगा औचक निरीक्षण
अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेल ने रेल परिचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और मानवीय भूल के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने ड्यूटी के दौरान शराब पीकर काम करने वाले कर्मचारियों, विशेषकर रेलवे फाटकों पर तैनात लेवल क्रॉसिंग गेटमैन पर नकेल कसने के लिए देशभर में 15 दिनों का विशेष संरक्षा अभियान शुरू करने का आदेश जारी किया है। 23 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस सघन अभियान के तहत इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग और संरक्षा विभाग के अधिकारी रात के समय औचक निरीक्षण कर कर्मियों की जांच करेंगे।
रेलवे बोर्ड ने जारी किया आदेश
रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों और कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केआरसीएल) के प्रबंध निदेशक को जारी किए गए आधिकारिक निर्देश में कहा गया है कि ट्रेन संचालन से जुड़े संरक्षा कर्मचारियों का सजग रहना अनिवार्य है। फाटकों पर तैनात गेटमैन की सतर्कता सीधे तौर पर रेल यात्रियों और सड़क मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ी होती है। फाटक खोलने या बंद करने में थोड़ी सी भी मानवीय चूक या लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी जोखिम को समाप्त करने के लिए यह पहल की गई है।
रात 10 बजे निकलेंगे अधिकारी
अभियान के तहत सभी मंडलों और जोनल मुख्यालयों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे रात 10:00 बजे से लेकर सुबह 06:00 बजे के बीच लेवल क्रॉसिंग फाटकों पर अचानक छापेमारी करें। इस औचक जांच के दौरान रनिंग रूम व क्रू लॉबी में उपलब्ध पोर्टेबल ब्रेथ एनालाइजर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे यह तत्काल पता चल सके कि ऑन-ड्यूटी गेटमैन ने शराब का सेवन किया है या नहीं।
तैयार करेंगे विशेष रिपोर्ट
रेलवे बोर्ड ने सिर्फ जांच तक सीमित न रहकर व्यवस्थागत सुधार पर भी जोर दिया है। सभी सेक्शन इंजीनियरों, निरीक्षकों और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न स्रोतों से गोपनीय जानकारी जुटाकर अपने अधीन काम करने वाले ऐसे गेटमैन की सूची तैयार करें जो शराब पीने के आदी हैं। ऐसे चिन्हित कर्मचारियों की ड्यूटी और गतिविधियों पर चौबीसों घंटे विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अधिकारियों को देंगे तत्काल रिपोर्ट
इसके साथ ही साथी रेलकर्मियों की काउंसलिंग भी की जाएगी। उन्हें यह समझाया जाएगा कि सुरक्षित ट्रेन संचालन सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि उनका कोई भी सहकर्मी ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में नजर आता है, तो इसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को देना उनका आधिकारिक कर्तव्य है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे के प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारियों (पीसीएसओ) से इस अभियान के फीडबैक का गहन विश्लेषण करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
