दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर प्रयागराज में बनेगा नया यमुना पुल, ड्राइंग तैयार; कुंभ 2031 से पहले निर्माण की तैयारी
प्रयागराज में दिल्ली-हावड़ा मुख्य रूट पर यमुना नदी पर लगभग 800 मीटर लंबा नया रेल पुल बनेगा, जिसकी ड्राइंग तैयार ...और पढ़ें

प्रयागराज में यमुना नदी पर स्थित रेलवे पुल। जागरण आर्काइव
HighLights
पुराने पुल से करीब 50 मीटर की दूरी पर उसके समानांतर बनेगा पुल
2031 महाकुंभ से पूर्व पुल तैयार कर ट्रेन संचालन शुरू करने की तैयारी
प्रयागराज-पीडीडीयू तक रेलवे की तीसरी लाइन से जुड़ेगा नया रेल पुल
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। दिल्ली-हावड़ा मुख्य रूट पर प्रयागराज और नैनी के बीच यमुना नदी पर लगभग 800 मीटर लंबा दो लेन का नया रेल पुल बनेगा। परियोजना की ड्राइंग तैयार हो चुकी है और दिसंबर से जमीन पर पैमाइश का काम शुरू होने जा रहा है। रेलवे का लक्ष्य है कि वर्ष 2031 के महाकुंभ से पहले इस पुल को तैयार कर ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया जाए।
ब्रिटिश काल में 1865 में बना था पुराना पुल
अभी जिस नैनी पुल से रेलगाड़ियां गुजर रही हैं, वह ब्रिटिश काल में वर्ष 1865 में बना था। अपनी उम्र के 160 साल पूरे कर चुके इस पुराने ढांचे पर ट्रेनों का बहुत भारी दबाव रहता है। नया पुल बनने से पुल का भार कम होगा, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और तीसरी लाइन के जरिए ट्रेनें बिना आउटर पर रुके सीधे आगे बढ़ जाएंगी।
कोठापार्चा से नैनी के शुआट्स तक बनेगा नया पुल
यह नया पुल मौजूदा पुराने पुल से करीब 50 मीटर की दूरी पर उसके समानांतर बनेगा। नदी के ऊपर तो इसकी लंबाई 800 मीटर होगी, लेकिन दोनों किनारों को जोड़ने वाले रास्तों (अप्रोच) को मिलाकर यह कुल 1546 मीटर लंबा होगा। यह नया रेल पुल रामबाग के कोठा पार्चा डाट पुल से शुरू होकर लाउदर रोड और ईविंग क्रिश्चियन कालेज (ईसीसी) होते हुए नैनी में शुआट्स तक पहुंचेगा।
रेलवे की योजना
नए पुल के काम को पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन से प्रयागराज तक 150 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन परियोजना से जोड़ा गया है। इस पूरी परियोजना पर 2649.44 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसमें से मार्च 2026 तक 1772.48 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे, जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के 450 करोड़ रुपये के बजट में से सितंबर 2026 तक 331.13 करोड़ रुपये का काम हो चुका है।
तीसरी रेल लाइन
इस पूरे रूट पर 150 किलोमीटर में से करीब 49.53 किलोमीटर हिस्से में तीसरी लाइन का काम पूरा कर ट्रेनें दौड़ाई भी जा रही हैं। इसमें नैनी-छिवकी-करछना, करछना-भीरपुर, गैपुरा-बिरोही, बिरोही-विंध्याचल और नारायणपुर बाजार-जिओनाथपुर जैसे हिस्से शामिल हैं। इसके अलावा जिगना-गैपुरा (7.05 किमी) का काम इसी नवंबर 2026 और चुनार-कैलाहट (10 किमी) का काम दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा।
नए पुल को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य
वहीं, यमुना पुल वाले प्रयागराज-नैनी सेक्शन (9.48 किमी) को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि नया पुल और तीसरी लाइन शुरू होते ही दिल्ली से हावड़ा के बीच चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ जाएगी। इससे न सिर्फ स्थानीय दैनिक यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि लंबी दूरी के मुसाफिरों को भी बिना किसी रुकावट के तेज और सुरक्षित सफर का फायदा मिलेगा।
