रेलवे कर्मचारियों को बड़ी राहत, APAR मामलों के निपटारे की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी
रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों की ई-अपार से जुड़ी लंबित आपत्तियों और प्रतिवेदनों के निपटारे की समय-सीमा 30 सितंबर तक बढ़ा ...और पढ़ें

रेलवे कर्मचारी APAR मामलों का निपटारा 30 सितंबर तक कर सकेंगे।
HighLights
बोर्ड ने वर्ष 2024-2025 के लिए दिया रेलकर्मियों को आखिरी मौका
कर्मचारी के कामकाज, आचरण और प्रदर्शन का आकलन की होगी ग्रेडिंग
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे बोर्ड ने साल 2024-2025 के लिए कर्मचारियों की ई-अपार से जुड़ी लंबित आपत्तियों और प्रतिवेदनों के निपटारे की समय-सीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है। अपार (एपीएआर) यानी 'एनुअल परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट' सरकारी कर्मचारियों का सालाना कार्य मूल्यांकन रिकार्ड होता है।
क्या है एनुअल परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट?
इसमें कर्मचारी के साल भर के कामकाज, आचरण और प्रदर्शन का आकलन कर ग्रेडिंग दी जाती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में कर्मचारी का प्रमोशन, वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभ तय होते हैं। यदि किसी कर्मचारी को अपनी ग्रेडिंग या मूल्यांकन पर कोई आपत्ति होती है, तो वह इसके खिलाफ अपनी अपील दर्ज करा सकता है।
रेलवे बोर्ड ने समय सीमा बढ़ाई
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक वेतन आयोग एवं एचआरएमएस जया कुमार ने बताया कि वर्ष 2024-2025 के लिए इन आपत्तियों के निपटारे की तय सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी थी। हालांकि, विभिन्न फील्ड यूनिटों की मांग को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने इसे 30 सितंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।
अब नहीं बढ़ाई जाएगी समय सीमा
सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि यह अंतिम अवसर है और इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। संबंधित अधिकारी तय समय के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।
