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प्रयागराज में नामांतरण के बाद गृहकर बिल की समस्या खत्म, पहले कंप्यूटर फिर खसरे में दर्ज होगा नाम

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Mon, 19 Oct 2026 03:07 PM (IST)

प्रयागराज नगर निगम ने नामांतरण के बाद भी पुराने मालिकों के नाम पर आ रहे गृहकर बिल की समस्या का ...और पढ़ें

प्रयागराज नगर निगम।

प्रयागराज नगर निगम।

HighLights

  1. दाखिल-खारिज के बावजूद पुराने मालिकों के नाम पहुंच रहे गृहकर बिल

  2. मुख्यकर निर्धारण अधिकारी ने निगम ने कर अधीक्षकों को दिए निर्देश

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भवन का नामांतरण कराने के बाद भी गृहकर बिल पुराने मालिक के नाम से पहुंच रहा है तो इसकी मुख्य वजह नगर निगम के रिकार्ड में नाम अपडेट नहीं होना है। शहर में बड़ी संख्या में ऐसे भवन स्वामी हैं, जिन्होंने संपत्ति का नामांतरण करा लिया है, लेकिन इसके बावजूद गृहकर बिल पूर्व मालिक के नाम से ही भेजा जा रहा है।

पुराने मकान मालिक के नाम से बिल पहुंच रहा 

इस समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम अब पहले कंप्यूटर पर नाम दर्ज करेगा, इसके बाद खसरे में भी उसे अपडेट किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो शहर में 10 हजार से अधिक ऐसे भवन स्वामियों के पास पुराने मकान मालिक के नाम से बिल पहुंच रहा है।

नंबर गेम

100 वार्ड
4.26 लाख भवन संपत्तियां है
3.81 लाख भवन आवासीय हैं
18 हजार व्यावसायिक भवन संपत्तियां
26 हजार मिश्रित भवन संपत्तियां
10 हजार भवन स्वामियों के पास पुराने मकान मालिक के नाम से पहुंच रहा बिल।

भवन स्वामियों को अभी होती है परेशानी

नगर निगम में संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कंप्यूटर रिकार्ड में बदलाव नहीं होने से भवन स्वामियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई मामलों में भवन का मालिकाना हक बदल चुका है, लेकिन गृहकर बिल पुराने मालिक के नाम से ही जारी हो रहा है। इससे न केवल कर संबंधी अभिलेखों में विसंगति बनी रहती है, बल्कि भवन स्वामियों को भी अनावश्यक रूप से नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

सभी कर अधीक्षकों को निर्देश

इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने सभी कर अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि नामांतरण के बाद संबंधित संपत्ति के नाम को पहले कंप्यूटर रिकार्ड में दर्ज कराया जाए। इसके बाद खसरे में भी नाम अपडेट किया जाए

नामांतरण के बाद कंप्यूटर रिकार्ड में नाम दर्ज करना जरूरी है। सभी कर अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि पहले कंप्यूटर पर नाम चढ़ाया जाए, इसके बाद खसरे में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।
- संजय ममगई, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम, प्रयागराज।

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