नवरात्र में घट गए संपत्तियों के बैनामे, सड़क परियोजनाओं ने प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त पर डाला व्यापक असर
प्रयागराज में इस नवरात्र संपत्तियों के बैनामों में भारी गिरावट आई है। विंध्य एक्सप्रेसवे और अन्य सड़क परियोजनाओं के चलते ...और पढ़ें

प्रयागराज में इस बार नवरात्र में संपत्ति बैनामे कम हुए।
HighLights
वर्ष 2025 में 2279 जमीनों की हुई थी खरीद-फरोख्त, इस बार 1543 के ही हुए बैनामे
प्रयागराज में चार गुना मुआवजे को लेकर काश्तकारों ने रोकी बिक्री, राजस्व भी घट गया
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। विंध्य एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं ने संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर व्यापक असर डाला है। लोग अब अपनी जमीन व संपत्तियों को बेचने की जगह उन्हें सहेज रहे हैं। ताकि, सरकारी परियोजनाओं के दायरे में आने पर उनकी ठीकठाक कीमत मिल जाए। इसका प्रभाव यह हुआ कि इस बार के नवरात्र में संपत्तियों के बैनामे घट गए।
नवरात्र में जमीनों के सबसे अधिक बैनामे होते हैं
नवरात्र के दिनों को संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए शुभ माना जाता है। यही वजह है कि वर्ष दूसरे दिनों की अपेक्षा नवरात्र में जमीनों के सबसे अधिक बैनामे होते हैं। खरीदारों को ही नहीं, विक्रेताओं को भी इन शुभ दिनों का इंतजार रहता है। यही नहीं निबंधन विभाग भी इन दिनों की राह देखता है। ताकि, राजस्व के रूप में मोटी रकम सरकारी खजाने में पहुंचे। वहीं इस बार विक्रेताओं ने हर किसी को मायूस किया।
बैनामे कम हुए तो राजस्व भी घटा
वर्ष 2025 के इसी नवरात्र में 2279 संपत्तियों की खरीद-फरोख्त हुई थी। इनके बैनामों से निबंधन विभाग को 20.04 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। वहीं इस बार महज 1543 संपत्तियां की बिकीं। बैनामे कम हुए तो राजस्व भी घट गया। इस बार बैनामों का 16.88 करोड़ रुपये राजस्व ही आया।
विंध्य एक्सप्रेसवे, ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है
महकमे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जिले के सोरांव और फूलपुर तहसील होते हुए सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। चित्रकूट से वाराणसी तक वाया बारा, करछना, मेेजा तहसील होकर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी है।
... इसलिए काश्तकार जमीनों को बेचने से बच रहे
इसके अलावा रिंग रोड, गंगा-यमुना पर पांच सेतु और आवासीय परियोजना एयरो सिटी जैसे कई प्रोजेक्टों को सरकार धरातल पर उतारने वाली है। इसको देख काश्तकार अब जमीनों को बेचने से बच रहे हैं। ताकि, भविष्य में अगर उनकी जमीनें इन परियोजनाओं की सीमा में आए तो कई गुना मुआवजे का लाभ मिल सके।
एआईजी स्टांप ने क्या कहा?
यही नहीं पिछले वर्ष अप्रैल से लेकर सितंबर तक इस वर्ष की इस अवधि में 2100 बैनामे कम हुए हैं। एआईजी स्टांप राकेश चंद्रा ने बढ़ाया कि शनिवार तक नवरात्र के दौरान बैनामे हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना इस बार नवरात्र में कम बैनामे हुए हैं।
