गांवों में होगी खेल की बगिया, खिलेंगे प्रतिभाओं के फूल; 1540 ग्राम पंचायतों में बनेंगे खेल मैदान
प्रयागराज की 1540 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाने की पहल शुरू हुई है। इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा और युवा सेना व पुलिस भर्ती की तैयारी कर सकेंगे।

प्रयागराज के कौंधियारा क्षेत्र में बना खेल मैदान। सौ.-विभाग
HighLights
ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाने को शुरुआती दौर में 60 गांवों में भूमि चिह्नित
वीबी जीरामजी के तहत पहले होगा समतलीकरण, चहारदीवारी व ट्रैक बाद में बनेंगे
सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रयागराज। गांवों में न खेल प्रतिभाओं की कमी है और न ही खिलाड़ियों की। राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक चमके खेल के सितारों में तमाम गांवों की गलियों से निकले हैं। तमाम युवा सेना, पुलिस, नेवी सहित केंद्र और राज्य के दूसरे सुरक्षा बलों का हिस्सा बनते हैं। इसके बावजूद इन्हें उम्मीदों के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिलीं। एक खेल मैदान तक गांवों में नहीं हैं। गंगापार व यमुनापार में इस कमी को दूर करने की कवायद शुरू हुई है।
जिले की सभी 1540 ग्राम पंचायतों में विकसित भारत- गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) से खेल मैदान बनाए जाएंगे। शुरुआती दौर में 60 ग्राम पंचायतों में काम होगा। इन गांवों में भूमि चिन्हित हो गई है। ब्लाक स्तर पर कार्ययोजना बनाई जा रही है।
सीडीओ हर्षिका सिंह ने बताया कि तमाम गांव ऐसे हैं, जहां सरकारी जमीनें खाली पड़ी हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है। इन्हीं जमीनों पर खेल मैदान बनाए जाएंगे। अभी फिलहाल कच्चे कार्य ही होंगे। इसमें संबंधित जमीन का समतली और जरूरत के हिसाब से मेड़बंदी कराई जाएगी। बाद में इसी योजना के तहत चहारदीवारी व इंटरलाकिंग वाला ट्रैक बनाया जाएगा। सभी बीडीओ को निर्देश दिए जा चुके हैं कि जल्द से जल्द काम शुरू कराएं। इन गांवों में कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरी ग्राम पंचायतों का चयन होगा।
50 खेल मैदान पहले से ही बने हैं
50 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से पहले से ही खेल मैदान बने हुए हैं। इलाके के युवा व खिलाड़ी इनका लाभ उठा रहे हैं। अन्य गांवों में खेल मैदान बनने से उन युवाओं को सबसे अधिक फायदा होगा जो सेना, पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी करते हैं। उन्हें अपनी जान जोखिम में डाल कर सड़कों पर दौड़ नहीं लगाना पड़ेगा।
