विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज में डिजिटल अरेस्ट कर कारोबारी की पत्नी से 13.50 लाख की ठगी, दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर दिया झांसा

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:16 AM (GMT+05:30)

प्रयागराज में एक कारोबारी की पत्नी को साइबर अपराधियों ने दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. कारोबारी की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट किया गया।

  2. दिल्ली पुलिस अधिकारी बनकर मनी लॉन्ड्रिंग की धमकी दी।

  3. साइबर अपराधियों ने 13.50 लाख रुपये ठग लिए।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। लूकरगंज क्षेत्र में रहने वाले एक कारोबारी की पत्नी को साइबर अपराधियों ने 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 13.50 लाख रुपये ठग लिए। अपराधियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर महिला को मनी लांड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी थी।

परिवार को भी जेल भेजने का डर दिखाया था। इसके बाद मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर दूसरे खाते में रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

लूकरगंज निवासी महिला ने साइबर थाने में तहरीर दी। बताया कि 29 सितंबर को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया। काल करने वाले ने बताया कि उनके नाम से आइसीआइसीआइ बैंक में खाता खुला है, जिसमें मनी लांड्रिंग के आरोपित संदीप कुमार से जुड़ी रकम आई है।

महिला ने खाते की जानकारी होने से इन्कार किया तो फोन करने वाले ने कहा कि खाते में उनके आधार कार्ड का उपयोग किया गया है। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से वाट्सएप फोन किया गया।

आरोप है कि फोन करने वालों ने खुद को दिल्ली का पुलिस अधिकारी बताया। उन्हें और उनके परिवार को एफआइआर में फंसाकर जिंदगीभर जेल में सड़ाने की धमकी दी। इससे वह भयभीत हो गईं। साइबर अपराधियों ने उन्हें घर में ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया और आनलाइन सुनवाई का नाटक रचकर दबाव बनाया।

यह भी पढ़ें- नई दिल्ली रूट पर ट्रेनें निरस्त: एक दिन में 14 हजार टिकट रद, रेलवे ने 24 घंटे में लौटाए सवा करोड़ रुपये

इसके बाद मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर भारतीय रिजर्व बैंक का कथित पत्र भेजा। इसके बाद एक खाते में 13.50 लाख रुपये जमा करने को कहा। धमकियों से डरकर उन्होंने रुपये बताए गए बैंक खाते से ट्रांसफर कर दी।

यह भी पढ़ें- हड़ताल खत्म होते ही प्रयागराज में नौ लेखपाल निलंबित, 52 हजार आवेदन लंबित