Prayagraj Weather : विदाई से पहले प्रयागराज, प्रतापगढ़ में बादलों ने डाला डेरा, अगले तीन-चार दिन और होगी बारिश
प्रयागराज में मानसून की विदाई से पहले बादलों ने डेरा डाल दिया है और गुरुवार सुबह से बारिश हो रही ...और पढ़ें

Prayagraj Weather प्रयागराज और प्रतापगढ़ जिलों में गुरुवार को हो रही बारिश। जागरण
HighLights
संगम नगरी में सुबह से हो रही बारिश
उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगों को राहत
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Prayagraj Weather मानसून की विदाई का समय करीब आते ही प्रयागराज और प्रतापगढ़ में बादलों ने एक बार फिर डेरा डाल दिया है। गुरुवार को भोर से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और इसके बाद बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई और उमस से भी लोगों को राहत मिली।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक प्रयागराज और आसपास के जिलों में इसी तरह बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, उत्तर आंध्र प्रदेश तट के ऊपर बना गहरा अवदाब 23 सितंबर की रात और 24 सितंबर की तड़के कलिंगपट्टनम के दक्षिण-पश्चिम के निकट तट पार कर गया। तट पार करते समय इसकी अधिकतम सतत पवन गति 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही।
इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और गुरुवार सुबह 5:30 बजे उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित था। मौसम तंत्र के धीरे-धीरे आगे बढ़ने के कारण इसका प्रभाव मध्य भारत और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच रहा है। प्रयागराज में भी बादलों की सक्रियता और बारिश को इसी मौसमी बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। अगले कुछ दिनों तक वातावरण में नमी बनी रहने से स्थानीय स्तर पर भी बारिश के दौर बन सकते हैं।
सितंबर के आखिरी दिनों में शुरू होगी मानसून की विदाई
प्रयागराज में मानसून अब अपने अंतिम चरण में है। सितंबर के आखिरी दिनों से मानसून की वापसी का दौर शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून के पूरी तरह विदा होने के आसार हैं। ऐसे में जाते-जाते मानसून की बारिश शहर और आसपास के इलाकों को एक बार फिर भिगो रही है। इस बार मानसून के दौरान प्रयागराज में बारिश का वितरण असमान रहा, लेकिन जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश दर्ज की गई। खास तौर पर अगस्त बारिश के लिहाज से काफी सक्रिय रहा और महीने में करीब 600 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कई दौर के कारण अगस्त में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ा था।
जाते-जाते फिर बदला मौसम का मिजाज
Prayagraj Weather गुरुवार की बारिश ने सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल दिया। सुबह से ही सूर्य के दर्शन नहीं हुए और आसमान में घने बादल छाए रहे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की वापसी के दौरान कुछ दिनों तक बादल और बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे आसमान साफ होने लगेगा और अक्टूबर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ मौसम में शुष्कता आने लगेगी।
