ट्रेन में मुसाफिर बनकर परिवार का जीता भरोसा फिर 9 वर्षीय बच्ची को किया अगवा; GRP ने सतना से किया बरामद
एक व्यक्ति ने ट्रेन में परिवार का भरोसा जीतकर प्रयागराज जंक्शन से 9 वर्षीय बच्ची का अपहरण कर लिया। जीआरपी ...और पढ़ें
HighLights
मीरजापुर की रहने वाली है बालिका, जीआरपी घेरा तो सतना स्टेशन के बाहर छोड़कर भागा
प्रयागराज से ई-रिक्शा में ले जाता दिखा, केस दर्ज कर आरोपित की तलाश कर रही जीआरपी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। चलती रेलगाड़ी में अजनबी मुसाफिर पर भरोसा करना एक परिवार को इस कदर भारी पड़ गया कि चंद घंटों के भीतर नौ साल की नन्हीं जान पर गंभीर संकट गहरा गया। मीरजापुर के संतनगर इलाके से दिल्ली का सफर तय करने निकली महिला की आंखों में उस वक्त अंधेरा छा गया, जब बोगी के भीतर हमसफर बनकर बैठा सहयात्री ही शातिर अपहर्ता निकला।
प्रयागराज जंक्शन पर साजिश को अंजाम दिया
झूठी हमदर्दी और मीठी बातों से पहले उसने टिकट खिड़की से लेकर ट्रेन की सीट तक विश्वास जमाया, फिर प्रयागराज जंक्शन पर भ्रम फैलाकर पूरी साजिश को अंजाम दे डाला। रविवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के क्षेत्राधिकारी अरुण पाठक ने जब इस हैरान करने वाले अपहरण कांड का पटाक्षेप किया तो रेलवे सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आम मुसाफिरों तक के रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने मध्य प्रदेश के सतना से मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है।
ट्रेन के भीतर दोस्ती की आड़ में रचा गया फरेब
वारदात की शुरुआत आठ सितंबर को मीरजापुर स्टेशन पर हुई। संतनगर अंचल की आशा देवी अपनी नौ साल की बेटी और रिश्तेदार के साथ उधना स्पेशल एक्सप्रेस पकड़ने पहुंची थीं। वहीं उनकी मुलाकात एक अज्ञात व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को भी दिल्ली जाने की बात बताकर घुलना-मिलना शुरू कर दिया। उसने महिला के साथ ही यात्रा की औपचारिकताएं पूरी कीं और ट्रेन के डिब्बे में ठीक उनके सामने वाली सीट पर आकर बैठ गया।
घबराया परिवार ट्रेन से उतर गया
सफर के दौरान उसने पूरे कुनबे से पारिवारिक आत्मीयता जताई और उनके हर कदम की थाह लेता रहा। शाम करीब साढ़े छह बजे जैसे ही ट्रेन प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंची, उसने बड़ी चालाकी से मां को भ्रमित कर दिया कि यह गाड़ी अब दिल्ली की ओर नहीं जाएगी, बल्कि उसके लिए रात दस बजे दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी। उसकी बातों को सच मानकर घबराया परिवार फौरन ट्रेन से उतर गया।
कुरकुरे का बहाना बनाकर प्लेटफॉर्म से किया अगवा
प्लेटफॉर्म पर उतरते ही उस शातिर ने अपने खौफनाक मंसूबों की दूसरी कड़ी पर काम शुरू किया। उसने नन्हीं बच्ची को चिप्स-कुरकुरे खिलाने का लालच दिया और मां से कहा कि वह चंद मिनटों में स्टॉल से खाने-पीने का सामान लेकर लौट रहा है। सफर की दोस्ती पर ऐतबार कर मां ने बच्ची को उसके साथ जाने दिया। मिनटों का इंतजार घंटों में बदल गया और दोनों वापस नहीं लौटे। बदहवास घरवालों ने प्लेटफॉर्म के स्टॉलों से लेकर एक-एक कोने की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मां के आंसुओं और चीख-पुकार के बीच मामला प्रयागराज जीआरपी थाने पहुंचा, जहां तत्काल अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन का बड़ा अभियान छेड़ा गया।
कैमरों में ई-रिक्शा से बच्ची को ले जाते दिखा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जीआरपी और आरपीएफ ने स्टेशन परिसर के सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया। तीसरी आंख की फुटेज ने सुरक्षा तंत्र के होश उड़ा दिए। आरोपित बच्ची का हाथ पकड़े तेजी से स्टेशन से बाहर निकलता नजर आया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज चौराहे की फुटेज में वह बच्ची को एक ई-रिक्शा में बैठाकर ले जाता दिखा।
आरोपित की लोकेशन मप्र के सतना में, मिली बच्ची
तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने जब आरोपित का रूट ट्रैक किया तो उसकी लोकेशन मध्य प्रदेश के सतना तक पहुंच गई। जीआरपी की संयुक्त टीम ने जब सतना रेलवे स्टेशन के इर्द-गिर्द घेराबंदी की, तो पुलिस की धमक भांपते ही शातिर बच्ची को स्टेशन परिसर के बाहर लावारिस छोड़कर भाग निकला। सुरक्षा बलों ने बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर सुरक्षित प्रयागराज पहुंचाया।
मीरजापुर निवासी है आरोपित, ढूंढ रही जीआरपी
सीओ जीआरपी अरुण पाठक ने बताया कि बच्ची का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जा रहा है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। शुरुआती तफ्तीश में आरोपित की पहचान मीरजापुर निवासी के रूप में हुई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें सरगर्मी से दबिश दे रही हैं।
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