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नाथ सम्प्रदाय की तपस्थली बनेगा तीर्थराज प्रयागराज, संगम के पास अरैल क्षेत्र में महासभा बनवा रहा है भव्य आश्रम

By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 24 Oct 2026 02:59 PM (IST)

प्रयागराज में अखिल भारत वर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा संगम के पास अरैल क्षेत्र में एक भव्य आश्रम ...और पढ़ें

अखिल भारत वर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के आश्रम को लेकर पूजन करते संत। सौ. शिष्य

अखिल भारत वर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के आश्रम को लेकर पूजन करते संत। सौ. शिष्य

HighLights

  1. आश्रम में 40 कमरे बनेंगे, विशाल भंंडार गृह में 3000 लोग एक साथ भोजन कर सकेंगे

  2. मुख्यमंत्री योगी हैं अखिल भारत वर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के अध्यक्ष

  3. नाथ सम्प्रदाय के संतों का प्रमुख मठ व गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर गोरखपुर में स्थित है

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। धर्म और अध्यात्म की नगरी तीर्थराज प्रयाग हठयोग साधना के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान बनाएगा। हठयोग की साधना पद्धति और अलख निरंजन की गूंज गहरी होगी। अखिल भारत वर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा ने अरैल में विशाल आश्रम बनवा रहा है।

पहले अध्यक्ष महांत दिग्विजयनाथ थे

नाथ सम्प्रदाय के संतों का प्रमुख मठ व गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर गोरखपुर में है। अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा के पहले अध्यक्ष महांत दिग्विजयनाथ थे। इनके बाद महांत अवैद्यनाथ अध्यक्ष बने। इनके ब्रह्मलीन होने पर योगी आदित्यनाथ महासभा के अध्यक्ष हुए। मुख्यमंत्री योगी गुरु गोरक्षनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर हैं। हरिद्वार, उज्जैन, नासिक, ऋषिकेश और कुरुक्षेत्र में नाथ संप्रदाय के आश्रम हैं।

कुंभ-2031 से पहले आश्रम बनाने का लक्ष्य

नाथ सम्प्रदाय के संत भारत के अलावा नेपाल में प्रवास करते हैं। लगभग 25 हजार संत नाथ संप्रदाय से जुड़े हैं। कुंभ-महाकुंभ में तीन से पांच हजार के बीच संत प्रयागराज आते हैं। प्रयाग में उनके रहने का स्थायी भवन नहीं है, उसे देखते हुए अरैल में सोमेश्वर महादेव मंदिर के पास तीन बीघा चार बिस्वा में आश्रम बन रहा है। कुंभ-2031 से पहले बनाने का लक्ष्य है। आश्रम में गुरु गोरक्षनाथ मंदिर और गोरक्षनाथ अखाड़ा भवन बनेगा।

गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर बनेगा

महासभा के महामंत्री योगी चेताईनाथ के अनुसार आश्रम में 40 कमरे बनेंगे। विशाल भंंडार गृह में तीन हजार लोग एक साथ भोजन कर सकेंगे। गुरु गोरक्षनाथ का मंदिर बनेगा। जयपुर से 50 फीट ऊंची और 25 फीट चौड़ी गुरु गोरक्षनाथ की संगमरमर की प्रतिमा मंगाई जाएगी।

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