अब दो नहीं चार रंगों के डस्टबिन से होगा डोर-टू-डोर कूड़े का संग्रह, संगम नगरी में बदलेगी व्यवस्था
प्रयागराज में अब घरों से कूड़ा संग्रह के लिए दो के बजाय चार रंगों के डस्टबिन का उपयोग किया जाएगा, ...और पढ़ें

प्रयागराज में घरों से कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था बदलेगी। जागरण आर्काइव
HighLights
पार्षदों और नागरिकों से लिए जाएंगे आनलाइन और आफलाइन सुझाव
गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और पर्यटन स्थलों की सफाई पर रहेगा विशेष जोर
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी को स्वच्छ आदर्श शहर बनाने के लिए कूड़ा संग्रह की व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में एकत्र करने, उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसके लिए अब दो के बजाय चार रंगों के डस्टबिन की व्यवस्था करने की योजना है।
साथ ही नगर निगम पार्षदों और शहर के नागरिकों से सुझाव लेकर सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगा। पर्यटन स्थलों के आसपास स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वच्छ भारत अभियान के तहत आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रयागराज समेत देश के 50 और उत्तर प्रदेश के छह शहरों को स्वच्छ आदर्श शहर बनाने की पहल की है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों इसकी घोषणा की। इसके बाद नगर निगम ने भी इस दिशा में बुधवार से तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ कचरा संग्रह और निस्तारण की मौजूदा व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त शादाब असलम ने बताया कि आदर्श शहर बनाने के लिए कचरे के पृथक्करण पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत चार रंगों के डस्टबिन की व्यवस्था प्रस्तावित है। हरे डस्टबिन में रसोई का बचा हुआ भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक कचरा एकत्र किया जाएगा। इससे कंपोस्ट और बायोगैस बनाने में मदद मिलेगी।
नीले डस्टबिन में प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच और धातु जैसी सामग्री रखी जाएगी। लाल डस्टबिन में इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी पैड और अन्य सैनिटरी अपशिष्ट एकत्र होंगे। वहीं, काले डस्टबिन में एक्सपायर्ड दवाएं, बैटरियां, सीएफएल बल्ब और अन्य घरेलू खतरनाक कचरा रखा जाएगा, जिसका सुरक्षित निस्तारण कराया जाएगा।
जनभागीदारी से बनेगी कार्ययोजना
नगर निगम की ओर से नागरिकों और पार्षदों से आनलाइन तथा अन्य माध्यमों से सुझाव लेने की व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जा रहा है। इन सुझावों के आधार पर कूड़ा संग्रह, परिवहन, निस्तारण और सफाई व्यवस्था में सुधार की कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य शहर को स्वच्छ रखने के साथ कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना है।
