विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नो डॉग जोन से अस्पतालों व पार्कों तक आवारा कुत्तों का आतंक, दहशत में जी रहे संगम नगरी के बाशिंदे

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Fri, 23 Oct 2026 04:02 PM (GMT+05:30)

प्रयागराज में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। अस्पताल, पार्क और सार्वजनिक स्थल प्रभावित हैं। 'नो डॉग जोन' घोषित ...और पढ़ें

प्रयागराज के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में घूमते आवारा कुत्ते। जागरण

प्रयागराज के अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में घूमते आवारा कुत्ते। जागरण 

HighLights

  1. सरकारी अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक कुत्तों की रहती है आवाजाही

  2. आजाद पार्क में 150 से अधिक आवारा कुत्ते, चार जोन में शेल्टर होम बनाने की तैयारी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा दांव पर है, पार्कों में सैर करने वाले दहशत में हैं और सार्वजनिक परिसरों में आने-जाने वाले लोगों पर कुत्तों के हमले का खतरा मंडरा रहा है। शहर में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि नो डाग जोन घोषित आजाद पार्क से लेकर एसआरएन अस्पताल की इमारतों तक इनकी मौजूदगी दिखाई दे रही है।

आवारा कुत्तों की मौजूदगी लोगों के लिए खतरा

इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से प्रयागराज और लखनऊ में डाग बाइट हाटस्पाट चिह्नित करने का आदेश दिए गया है। दैनिक जागरण की पड़ताल में प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आई, जहां आवारा कुत्तों की मौजूदगी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है।

Stray dogs in SRN Hospital at Prayagraj

सार्वजनिक स्थलों पर हादसे भी हो रहे 

अस्पताल, रेलवे स्टेशन, स्कूल, बस अड्डे और पार्क जैसे सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा आम लोगों के लिए परेशानी का सबब है। इनके अचानक सड़क पर दौड़ने से बाइक और स्कूटी सवार गिरकर चोटिल हो जाते हैं, वहीं कई बार कुत्ते लोगों को काटकर घायल भी कर देते हैं। सबसे गंभीर स्थिति अस्पतालों में है, जहां मरीजों और तीमारदारों को पहले ही तमाम परेशानियों से जूझना पड़ता है।

Stray dogs in Chandrashekhar Azad Park at Prayagraj

आजाद पार्क में संख्या 150

शहर के प्रमुख मनोरंजन स्थल आजाद पार्क को नो डाग जोन घोषित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद पार्क में 150 से अधिक आवारा कुत्ते दिखाई दिए। गेट नंबर तीन, चार, पांच और छह के आसपास इनका जमावड़ा लगा रहता है। सुबह-शाम टहलने आने वाले लोगों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।

एसआरएन अस्पताल परिसर में भी आतंक 

एसआरएन अस्पताल परिसर और पुरानी बिल्डिंग में बड़ी संख्या में आवारा कुत्ते घूमते नजर आए। ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक इनकी आवाजाही बनी रहती है। दिन में परिसर में घूमने वाले कुत्ते रात के समय अधिक आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

संक्रमण और कुत्तों के हमले की आशंका

इंदिरा भवन और नगर निगम मुख्यालय परिसर में भी आवारा कुत्ते बड़ी संख्या में घूमते रहते हैं। इन परिसरों में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। इसके बावजूद कुत्तों की मौजूदगी से निपटने के प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते। बेली अस्पताल और चिल्ड्रेन अस्पताल परिसर में दिनभर आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं। अस्पतालों में बच्चों, मरीजों और उनके स्वजन की आवाजाही के बीच यह स्थिति संक्रमण और कुत्तों के हमले की आशंका बढ़ाती है।

लोगों का दर्द

अस्पतालों और आजाद पार्क में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। नगर निगम को तत्काल कार्रवाई कर लोगों को सुरक्षित माहौल देना चाहिए।
- अजीत, शहराराबाद

एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल में कुत्तों का घूमना मरीजों और बच्चों के लिए खतरा है। जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाए।
- अतुल माथुर,सिविल लाइंस

नो डाग जोन आजाद पार्क में भी कुत्तों की भरमार व्यवस्था की पोल खोलती है। सुबह-शाम टहलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
- पंकज श्रीवास्तव, मालवीय नगर

हास्पिटलों और सरकारी कार्यालयों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। उनको हटाने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।
- उमेश मिश्र, मीरापुर

यहां पर है आवारा कुत्तों का खौफा

सिविल लाइंस, कटरा,दारागंज, राजापुर, चौक, जानसेनगज, तेलियरगंज,करेली, सुलेमसराय,बेली, मेंहदौरी,चकिया, कालिंदीपुरम, मुंडेरा,कर्नलगंज, मेडिकल कालेज क्षेत्र, एलनगंज,अल्लापुर, बहादुरगंज,रसूलाबाद, शिवकुटी,फाफामऊ,सलोरी, बहमलपुर, राजापुर, सुलेमसराय, जयंतीपुर,मम्फोर्डगंज,अल्लापुर, दारागंज,सादियाबाद,अटाला,करैलाबाग,करेली आदि क्षेत्र हैं।

शिक्षण संस्थानों,हास्पिटल और प्रमुख चौराहा के आसपास के आवारा कुत्तों को जल्द हटाया जाएगा। इसके लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। टीम का गठन कर इन्हें हटाने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी।
- डॉ. विजय अमृतराज, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, प्रयागराज।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में 10 किमी लंबे सिक्स लेन पुल पर जाम और हादसों पर रहेगी नजर, सर्विलांस से की जाएगी ब्रिज की निगरानी

यह भी पढ़ें- शराब पीकर ड्यूटी करने वाले रेलकर्मियों पर नकेल, रेल फाटकों पर तैनात गेटमैन की आज रात से होगी औचक जांच