प्रयागराज में 10 किमी लंबे सिक्स लेन पुल पर जाम और हादसों पर रहेगी नजर, सर्विलांस से की जाएगी ब्रिज की निगरानी
प्रयागराज में 10 किमी लंबे सिक्स लेन पुल पर नवंबर से वाहनों का आवागमन शुरू होने की तैयारी है। जाम ...और पढ़ें

प्रयागराज में सिक्स लेन पुल पर नवंबर से वाहनों का आवागमन शुरू करने संग ट्रैफिक कंट्रोल की भी तैयारी है।
HighLights
टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल सेंटर बनेगा
पुल पर 4 स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाया जाएगा
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गंगा नदी पर बन रहे सिक्स लेन पुल पर नवंबर से वाहनों का आवागमन शुरू करने की तैयारी है। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने की कवायद भी तेज कर दी गई है। पुल पर वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच जाम, दुर्घटना और अन्य किसी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए टोल प्लाजा के पास ट्रैफिक मैनेजमेंट कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है।
पुल पर यातायात की स्थिति पर रहेगी नजर
इस सेंटर से पुल और आसपास के मार्गों पर यातायात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी। लगभग 10 किलोमीटर के दायरे वाला यह पुल हर वक्त सर्विलांस पर रहेगा। इसके अलावा 200 से 500 मीटर की दूरी पर टोल फ्री नंबर भी अंकित रहेंगे। इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी चार स्थानों पर लगाया जाएगा।
स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक गंगा पुल
स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक गंगा पर बन रहे इस सिक्स लेन पुल के शुरू होने के बाद शहर में यातायात का दबाव कम होने के साथ पुल पर वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में यातायात संचालन को व्यवस्थित रखने के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था तैयार की जा रही है।
अचानक जाम लगा तो टीम तुरंत जाएगी
करीब 10 मीटर से अधिक लंबाई वाले कंट्रोल सेंटर का निर्माण टोल प्लाजा के पास कराया जा रहा है। यहां से पुल पर वाहनों की आवाजाही और यातायात की स्थिति की निगरानी की जाएगी। पुल पर किसी स्थान पर अचानक जाम लगने, वाहन खराब होने, दुर्घटना होने या यातायात बाधित होने की स्थिति में कंट्रोल सेंटर की मदद से तत्काल जानकारी मिल सकेगी। इसके बाद संबंधित टीम को मौके पर भेजकर यातायात को सामान्य कराने की कार्रवाई की जाएगी। इससे पुल पर लंबे समय तक वाहनों के फंसे रहने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
यातायात संचालन में बदलाव भी किया जा सकेगा
अधिशासी अभियंता वरुण वाष्र्णेय ने बताया कि पुल पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ कंट्रोल सेंटर की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। यहां से मिलने वाली जानकारी के आधार पर जरूरत के अनुसार यातायात संचालन में बदलाव किया जा सकेगा। दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने में भी यह केंद्र मददगार होगा।
