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प्रयागराज: एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर ने निजी अस्पताल में किया आपरेशन, मरीज की मौत के बाद मुकदमा दर्ज

By Tara Gupta Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sat, 26 Sep 2026 12:50 PM (IST)

प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल के एक डॉक्टर पर निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत के बाद मुकदमा ...और पढ़ें

मरीज का निजी अस्पताल में इलाज करने व उसकी मौत मामले में एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर पर केस दर्ज हुआ है।

मरीज का निजी अस्पताल में इलाज करने व उसकी मौत मामले में एसआरएन अस्पताल के डॉक्टर पर केस दर्ज हुआ है।

HighLights

  1. मरीज की मौत पर परिवार ने डॉ. राहुल सिंह पर जार्जटाउन थाने में केस दर्ज कराया

  2. प्रतापगढ़ के बुजुर्ग को पेट दर्द की समस्या थी, एसआरएन अस्पताल में दिखाया था 

  3. हाई कोर्ट की सख्ती के बावजूद सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं छूट रही

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। हाई कोर्ट की सख्ती के बावजूद सरकारी डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं छूट रही है। ताजा मामला स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल के डाक्टर से जुड़ा है, जिन्होंने निजी अस्पताल में मरीज का आपरेशन किया। मरीज की मौत होने के बाद पीड़ित परिवार ने डॉक्टर राहुल सिंह के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

प्रतापगढ़ के अमरगढ़ के बुजुर्ग मरीज का मामला 

प्रतापगढ़ में अमरगढ़ थाना क्षेत्र के बैजुलपुर निवासी रवि प्रजापति का कहना है कि उनके बुजुर्ग पिता को पेट दर्द की समस्या थी। कुछ दिन पहले उन्हें उपचार के लिए एसआरएन अस्पताल ले गए, जहां सर्जन डॉक्टर राहुल सिंह ने देखा। उन्होंने अल्ट्रासाउंड करवाया और बताया कि मरीज को पित्त की थैली में पथरी है। आपरेशन करना जरूरी है। रवि के अनुसार वह अपने मरीज पिता को एसआरएन अस्पताल में भर्ती किया, लेकिन आपरेशन की बारी आने पर डॉक्टरों ने फेफड़े की समस्या बताते हुए मना कर दिया। इस कारण दोबारा डॉक्टर राहुल सिंह को दिखाया।

निजी अस्पताल में आपरेशन के बाद हालत गंभीर

आरोप है कि डॉक्टर ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करके आश्वासन दिया कि मरीज के फेफड़े से संबंधित कोई गंभीर समस्या नहीं है और आपरेशन में भी जटिलता नहीं होगी। करीब 10 दिन बाद डॉक्टर ने जार्जटाउन स्थित डॉ. डीआर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती किया। वहां पित्त की थैली और हार्निया का आपरेशन एक साथ कर दिया, लेकिन उसके बाद स्थिति गंभीर हो गई।

डॉक्टर ने 2 दिन आईसीयू में रखने के बाद जवाब दे दिया

दो दिनों तक आईसीयू में रखा और फिर डॉक्टर राहुल सिंह ने कहा कि मरीज का इलाज उनके बस की बात नहीं है। फिर मरीज को उनके परिचित अस्पताल एम्यूरा क्रिटिकल केयर मे भर्ती कराया गया। वहां एक दिन रखने के बाद लखनऊ के बीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।

जार्जटाउन इंस्पेक्टर बोले- केस दर्ज कर विवेचना हो रही

आरोप के अनुसार ऐसे में यह मामला घोर चिकित्सकीय लापारवाही, गलत चिकित्सकीय आकलन और गैर जिम्मेदाराना आश्वासन का है, जिसके परिणाम स्वरूप मरीज की असमय मौत हुई। इंस्पेक्टर जार्जटाउन रुकुमपाल सिंह यादव का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

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