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अधिक दूध उत्पादन के लिए पशुपालक सेक्स सार्टेड सीमन का इस्तेमाल करें, पशुपालन विभाग दे रहा सुविधा

By Surya Prakash Tiwari Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 27 Sep 2026 04:37 PM (IST)

पशुपालन विभाग प्रयागराज में भैंसों के लिए सेक्स सार्टेड सीमन की सुविधा शुरू कर रहा है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा।

पशुपालकों की आमदनी बढ़ाएगा भैंसों के लिए बना सेक्स सार्टेड सीमन।

पशुपालकों की आमदनी बढ़ाएगा भैंसों के लिए बना सेक्स सार्टेड सीमन।

HighLights

  1. भैंसों के लिए पशुपालन विभाग ने की है सेक्स सार्टेड सीमन की व्यवस्था

  2. गायों के लिए पहले से ही दे रहा यह सुविधा, व्यवस्था में विस्तार की तैयारी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। गायों के लिए सेक्स सार्टेड सीमन तो पहले से ही आ रहा है। इसी के साथ अब जल्द ही भैंसों के लिए भी सेक्स सार्टेड सीमन उपलब्ध होंगे। इससे पशुपालकों के पड़िया अधिक जन्म लेंगी। जो दुग्ध उत्पादन बढ़ाएगा। इसी के साथ पशुपालकों को भी आर्थिक लाभ होगा।

पशुपालन विभाग की ओर से गाय और भैंस के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा दी जाती है। इसमें सामान्य तौर पर दो तरह के सीमन का प्रयोग होता है। एक सामान्य सीमन तो दूसरे सेक्स सार्टेड सीमन। सेक्स सार्टेड सीमन में बछिया के जन्म की उम्मीद 90 फीसद तक रहती है।

सेक्स सार्टेड सीमन केवल गायों के लिए आता था। भैंसों के लिए यह सुविधा नहीं थीं। आने वाले दिनों में भैंसों के लिए भी जिले में सेक्स सार्टेड सीमन उपलब्ध होंगे। बीते दिनों विकास भवन में आयोजित एक प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों की ओर से इसकी भी जानकारी दी गई। सेक्स सार्टेड सीमन के प्रयोग और उसकी खूबियां भी बताई गईं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने बताया कि भैंसों के लिए सेक्स सार्टेड सीमन आने से पशु पालकों को काफी फायदा होगा। आशा है कि जल्द ही यह सीमन राजकीय पशु चिकित्सालयों और पशु सेवा केंद्रों में भी उपलब्ध होंगे।

सेक्स सार्टेड सीमन के यह होते हैं फायदे

विशेषज्ञों का कहना है कि गोवंशों के वध पर प्रतिबंध है। इसलिए, पशुपालक तभी तक बछड़े को रखते हैं, जब तक गाय दूध देती है। इसके बाद बछड़े को छोड़ देते हैं। सेक्स सार्टेड सीमन से जब ज्यादातर बछिया पैदा होंगी तो बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात मिलेगी। महिषवंशीय में इनके प्रयोग भी फायदा हुआ। पड़वों की अपेक्षा पड़ियों की कीमत अधिक होती है। ऐसे में सेक्स सार्टेड सीमन से जब पड़िया अधिक होंगी तो दुग्ध उत्पादन बढ़ेंगा। पशुपालकों को आर्थिक लाभ होगा।

फैक्ट फाइल

गोवंशी व महिषवंशी पशु - 23,28,317
पशु चिकित्सालय - 50
पशु सेवा केंद्र - 96
पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान - 48,000
सामान्य सीमन से कृत्रिम गर्भाधान - 47,400
सेक्स सार्टेड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान - 600

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