विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रयागराज : रामबाग स्टेशन बारिश के पानी में डूबा, 1 से 4 प्लेटफॉर्मों की पटरियां जलमग्न व चार ट्रेनें निरस्त

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 18 Aug 2026 01:37 PM (IST)Updated: Tue, 18 Aug 2026 03:19 PM (IST)

प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के कारण रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक जलमग्न हो गए हैं। इससे ट्रेनों का ...और पढ़ें

प्रयागराज में लगातार बारिश से रामबाग रेलवे स्टेशन का पूरा यार्ड जलमग्न होने से ट्रेन संचालन प्रभावित है।

प्रयागराज में लगातार बारिश से रामबाग रेलवे स्टेशन का पूरा यार्ड जलमग्न होने से ट्रेन संचालन प्रभावित है।

HighLights

  1. पटरियों पर कई फीट पानी भरने से ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है

  2. रामबाग स्टेशन की रेलवे कॉलोनी के घरों में घुसा पानी, सांप भी निकले

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में मानसून की जोरदार बारिश ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। हर साल की तरह इस बार भी रामबाग रेलवे स्टेशन झील की शक्ल में तब्दील हो गया है, रेलवे यार्ड पूरी तरह डूब गया। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन और चार की पटरियों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि रामबाग से चलने वाली चारों पैसेंजर ट्रेनों को रामबाग से रद्द कर अब झूंसी स्टेशन से चलाने का फैसला लेना पड़ा है।

झूंसी से चलेंगी ये चार पैसेंजर ट्रेनें

रामबाग स्टेशन पर पानी भरने के चलते यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। स्टेशन पर लगातार अनाउंसमेंट कर इन ट्रेनों को झूंसी से पकड़ने की सूचना दी जा रही है:

65132 मऊ पैसेंजर
65114 बनारस पैसेंजर
55132 बलिया पैसेंजर
65112 बनारस पैसेंजर

प्लेटफॉर्म नंबर 5 के सहारे बची व्यवस्था

वर्तमान में केवल विभूति एक्सप्रेस का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर पांच से किया जाएगा, क्योंकि सिर्फ यही एक प्लेटफॉर्म पानी के भराव से बचा हुआ है। रेलवे ने पांच नंबर की लाइन को खाली कराकर सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और रैंप के जरिए आवागमन की व्यवस्था यहीं शिफ्ट कर दी है। बाकी पूरा यार्ड और चारों प्लेटफॉर्म पानी में समाए हुए हैं।

कॉलोनी में 4-5 फीट पानी, जहरीले सांपों का खौफ

रेलवे कॉलोनी की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। क्वार्टरों में 4 से 5 फीट तक गंदा पानी घुस गया है। पानी के साथ घरों में जहरीले सांप निकलने से रेलकर्मियों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए रेलवे प्रशासन ने कोई रेस्क्यू नहीं चलाया तो कालोनी के लोगों ने खुद अपनी मदद और एक दूसरे का सहारा बने। कर्मचारियों और उनके परिवारों को बाहर निकाला और सुरक्षित इमारतों में शिफ्ट कराया। फिलहाल कर्मचारी अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर हैं।

हर की परेशानी, कागजों में सिमटे दावे

यह कोई पहली बार नहीं है जब रामबाग स्टेशन का यह हाल हुआ हो। हर साल बारिश आते ही करोड़ों का राजस्व देने वाला यह स्टेशन पानी में डूब जाता है, पटरियां गायब हो जाती हैं और ट्रेनों के पहिए थम जाते हैं। हर साल भारी-भरकम बजट और ड्रेनेज सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी बारिश रेलवे के दावों की हवा निकाल देती है। सवाल उठता है कि जब हर साल यही तबाही मचती है, तो समय रहते जल निकासी का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जाता? रेलवे की इसी घोर लापरवाही का खामियाजा आज आम यात्रियों और अपने ही कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में 24 घंटे में 73 मिमी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई मुहल्ले जलमग्न; अगले 7 दिनों तक जारी रहेगा वर्षा का दौर

यह भी पढ़ें- प्रयागराज में बाढ़ का खतरा : गंगा में 10 लाख क्यूसेक पानी आ रहा, यमुना का जलस्तर छोटी नदियों बढ़ा रहीं, तस्वीरों में देखें

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।